
अभिजीत दीपके छात्र आंदोलन पर बयान देते हुए।Source : Chrome
पटना में छात्र आंदोलन के बाद AISA के दो छात्र नेताओं के हिरासत में लिए जाने और उनके लापता होने के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार से दोनों नेताओं को तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो बिहार में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
AISA नेताओं के लापता होने का दावा
22 जुलाई को पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद दावा किया गया कि AISA के बिहार राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा और पटना यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष सबा आफरीन को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है।
अभिजीत दीपके ने सरकार को दी चेतावनी
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि बिना सरकारी निर्देश के किसी छात्र नेता को इस तरह गायब नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से दोनों नेताओं को जल्द रिहा करने की मांग की। दीपके ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बिहार में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया जाएगा, जिसे संभालना मुश्किल हो सकता है।
जंतर-मंतर पर AISA नेता ने लगाए आरोप
जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल AISA की नेता नेहा ने आरोप लगाया कि दोनों छात्र नेताओं को कार्यालय के बाहर से वाहन में बैठाकर ले जाया गया। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें कहां रखा गया है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
बिहार बंद से पहले गिरफ्तारी का आरोप
सीपीआई(एमएल) लिबरेशन ने भी आरोप लगाया कि 25 जुलाई को प्रस्तावित बिहार बंद से एक दिन पहले दीपांकर मिश्रा और सबा आफरीन को हिरासत में लिया गया। पार्टी का कहना है कि गिरफ्तारी और दबाव बनाकर छात्र आंदोलन को नहीं रोका जा सकता।
छात्र संगठनों ने किया बिहार बंद का आह्वान
नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) समेत कई छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रहेगा।
