Tejashwi Yadav ने Samrat Choudhary की मुख्यमंत्री पद पर ताजपोशी को लेकर तीखा तंज कसते हुए कहा कि बिहार में अब “चुने हुए नहीं, बल्कि ‘चयनित’ मुख्यमंत्री” बनाए जा रहे हैं। उनका इशारा इस बात पर था कि जनता के सीधे जनादेश के बजाय राजनीतिक समीकरणों और अंदरूनी फैसलों के जरिए नेतृत्व तय किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और बिहार की जनता के साथ विश्वासघात जैसा है। वहीं बीजेपी नेताओं ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस बयानबाजी के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जहां एक तरफ विपक्ष सरकार की वैधता पर सवाल उठा रहा है तो दूसरी तरफ सत्ताधारी दल इसे नियमों के मुताबिक लिया गया फैसला बता रहा है।