पटना, 15 अप्रैल 2026।

बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद अपनी सरकार का गठन कर लिया है। उनके साथ विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मंत्रिमंडल के विभागों का विस्तृत बंटवारा भी जारी कर दिया गया है। 

यह नई सरकार राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है और सत्ता का संतुलन नए तरीके से तय किया गया है। 


मुख्यमंत्री के पास सबसे ज्यादा विभाग


नई अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास कुल 29 महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं, जो उनके मजबूत प्रशासनिक नियंत्रण को दर्शाता है। 


इनमें प्रमुख विभाग शामिल हैं:


  • सामान्य प्रशासन
  • गृह विभाग
  • मंत्रिमंडल सचिवालय
  • निगरानी
  • निर्वाचन
  • राजस्व एवं भूमि सुधार
  • खान एवं भूतत्व
  • नगर विकास एवं आवास
  • स्वास्थ्य
  • विधि
  • उद्योग
  • पथ निर्माण
  • कृषि
  • श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण
  • पर्यटन, कला एवं संस्कृति
  • आपदा प्रबंधन
  • सूचना प्रौद्योगिकी
  • खेल, सहकारिता
  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
  • पंचायती राज



इसके अलावा वे सभी विभाग भी मुख्यमंत्री के पास रहेंगे जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।

साफ है कि सरकार के लगभग सभी अहम और रणनीतिक मंत्रालय मुख्यमंत्री के नियंत्रण में रखे गए हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया केंद्रीकृत रहेगी।


उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को मिले ये विभाग


उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को प्रशासन और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए गए हैं:


  • जल संसाधन
  • संसदीय कार्य
  • सूचना एवं जन-संपर्क
  • भवन निर्माण
  • अल्पसंख्यक कल्याण
  • शिक्षा
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा
  • ग्रामीण विकास
  • परिवहन
  • उच्च शिक्षा


इन विभागों से साफ संकेत मिलता है कि उन्हें राज्य के बुनियादी ढांचे और शिक्षा सुधार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को मिली ये जिम्मेदारियां


दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विभाग दिए गए हैं:


  • ऊर्जा
  • योजना एवं विकास
  • मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन
  • वित्त
  • वाणिज्य-कर
  • समाज कल्याण
  • खाद एवं उपभोक्ता संरक्षण
  • ग्रामीण कार्य


इनके पास वित्त और योजना जैसे अहम विभाग हैं, जो राज्य की आर्थिक दिशा तय करेंगे।


सत्ता संतुलन और राजनीतिक संदेश


नई सरकार में विभागों का बंटवारा साफ तौर पर एक रणनीतिक संतुलन को दर्शाता है:


  • मुख्यमंत्री के पास मुख्य नियंत्रण वाले विभाग
  • पहले उपमुख्यमंत्री के पास इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा
  • दूसरे उपमुख्यमंत्री के पास वित्त और विकास


राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मॉडल केंद्रित नेतृत्व और साझा जिम्मेदारी का मिश्रण है, जिससे सरकार तेजी से फैसले ले सकेगी।


क्या है इस बदलाव का मतलब?


  • बिहार में भाजपा नेतृत्व का पहला पूर्ण नियंत्रण
  • नीतीश युग के बाद नई राजनीतिक दिशा
  • प्रशासनिक केंद्रीकरण और तेज फैसलों की संभावना
  • विकास और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस


सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने अपने शुरुआती कदम में ही स्पष्ट कर दिया है कि वह मजबूत और केंद्रीकृत प्रशासन के साथ आगे बढ़ेगी। विभागों का यह बंटवारा आने वाले समय में बिहार की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि यह नई टीम अपने वादों को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है।