
IPL: नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में जो हुआ, उसने IPL के सबसे विस्फोटक मुकाबलों में से एक को एकतरफा दास्तान में बदल दिया। दो दिन पहले इसी मैदान पर रनों की बरसात हुई थी, लेकिन इस बार वही पिच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मौत का जाल बन गई। दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाज़ी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 9 विकेट से ऐसी जीत दर्ज की, जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।
टॉस जीतकर बेंगलुरु ने पहले गेंदबाज़ी चुनी और शुरुआत से ही ऐसा लगा मानो वे किसी मिशन पर उतरे हों। नई गेंद लेकर आए भुवनेश्वर कुमार और जोश हज़लेवुड ने दिल्ली के बल्लेबाज़ों पर कहर बरपा दिया। गेंद स्विंग कर रही थी, उछाल अनियमित थी और बल्लेबाज़ों के पास जवाब नहीं था। स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 8 रन थे और 6 बल्लेबाज़ पवेलियन लौट चुके थे। स्टेडियम में सन्नाटा था, ड्रेसिंग रूम में बेचैनी।
दिल्ली की हालत ऐसी थी कि पावरप्ले खत्म होते-होते मुकाबला लगभग हाथ से निकल चुका था। हर ओवर के साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का दबदबा बढ़ता गया। हज़लेवुड की गेंदें जैसे सवाल पूछ रही थीं और दिल्ली के बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने 4 विकेट लेकर पारी की कमर तोड़ दी, जबकि भुवनेश्वर ने 3 विकेट लेकर टॉप आर्डर को तहस-नहस कर दिया।
जब लग रहा था कि टीम शायद सबसे कम स्कोरों में सिमट जाएगी, तब कुछ प्रतिरोध देखने को मिला। निचले क्रम ने थोड़ी लड़ाई दिखाई, खासकर अभिषेक पोरेल और डेविड मिलर ने कुछ रन जोड़कर स्कोर 75 तक पहुंचाया। लेकिन यह स्कोर उस पिच पर भी चुनौती जैसा नहीं लग रहा था।
76 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के इरादे बिल्कुल साफ थे, काम जल्दी खत्म करना है। विराट कोहली ने शुरुआत से आक्रामक तेवर दिखाए। हर बाउंड्री के साथ दिल्ली की उम्मीदें और धुंधली होती गईं। दूसरे छोर से देवदत्त पडिक्कल ने उनका साथ दिया और दोनों ने दिल्ली के गेंदबाज़ों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
सिर्फ 6.3 ओवर में बेंगलुरु ने 77/1 बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। 81 गेंद शेष रहते मिली यह जीत आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में दर्ज हो गई। यह सिर्फ जीत नहीं, बयान था रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस सीज़न खिताब की गंभीर दावेदार है।
मैच का सबसे बड़ा दृश्य वह था जब 8/6 के स्कोरबोर्ड ने सभी को झकझोर दिया। T20 क्रिकेट में जहां टीमें 250+ बना रही हैं, वहां 8 रन पर 6 विकेट का गिरना अविश्वसनीय था। यही वह पल था जब मैच ने करवट नहीं, बल्कि दिशा बदल दी।
हज़लेवुड और भुवनेश्वर की जोड़ी ने दिखाया कि तेज़ गेंदबाज़ी अभी भी T20 क्रिकेट में मैच जिताती है। दूसरी ओर विराट कोहली ने फिर साबित किया कि छोटे लक्ष्य हों या बड़े मंच, उनका प्रभाव कम नहीं होता।
दिल्ली के लिए यह सिर्फ हार नहीं, चेतावनी है। और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए यह सिर्फ दो अंक नहीं, एक संदेश है, यह टीम सिर्फ मुकाबला नहीं खेल रही, दबदबा बना रही है।
