अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बुधवार को 8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे। उनका विमान बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, जहां चीनी उपराष्ट्रपति हान जेंग ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर करीब 300 बच्चे अमेरिका और चीन के झंडे लहराते नजर आए। ट्रम्प के साथ उनके बेटे एरिक ट्रम्प और बहू लारा ट्रम्प भी मौजूद थे। बच्चों ने मंदारिन भाषा में ‘वेलकम’ के नारे भी लगाए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गुरुवार और शुक्रवार को कई दौर की बैठकें होंगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ताइवान, रेयर अर्थ मिनरल्स, AI टेक्नोलॉजी और ईरान युद्ध जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। ट्रम्प 15 मई तक बीजिंग में रहेंगे। यह 2017 के बाद उनका पहला चीन दौरा है।

बड़े कारोबारी भी पहुंचे चीन

ट्रम्प के साथ इलॉन मस्क, एप्पल CEO टिम कुक और बोइंग CEO समेत 17 बड़े अमेरिकी कारोबारी भी चीन पहुंचे हैं। इस दौरे में बोइंग विमानों की बड़ी डील होने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन सैकड़ों बोइंग विमान खरीद सकता है, जिसे इतिहास के सबसे बड़े विमान सौदों में से एक माना जा रहा है।

ईरान मुद्दे पर ट्रम्प का बयान

बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रम्प ने कहा कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए उन्हें चीन की मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे।

मार्को रुबियो को लेकर चर्चा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी ट्रम्प के साथ चीन पहुंचे हैं। खास बात यह है कि चीन पहले उन पर प्रतिबंध लगा चुका था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने उनके नाम का चीनी ट्रांसलिटरेशन बदलकर उनकी यात्रा संभव बनाई।

स्टेट डिनर और अहम मुद्दों पर बातचीत

व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। इसके अलावा ट्रेड टैरिफ, ताइवान, AI, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, रेयर अर्थ मिनरल्स और कृषि व्यापार जैसे मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच अहम बातचीत होने की संभावना है।