श्रीनगर: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कुछ ऐसे तकनीकी सुराग मिले हैं, जो हमले की लंबी तैयारी की ओर संकेत करते हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों से बरामद मोबाइल फोन की हिस्ट्री खंगालने पर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि जांच अभी जारी है और एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

आतंकियों से मिले मोबाइल बने जांच की अहम कड़ी

बताया जा रहा है कि जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीन आतंकियों के पास से कुछ मोबाइल फोन बरामद हुए थे। शुरुआती जांच में ये सामान्य मोबाइल लगे, लेकिन बाद में इनके IMEI नंबर और सप्लाई रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके बाद एजेंसियों को कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिन्होंने जांच का दायरा बढ़ा दिया।

2021 में पाकिस्तान पहुंचा था एक मोबाइल

जांच में सामने आया है कि बरामद मोबाइलों में से एक Redmi 9T फोन 2021 में पाकिस्तान पहुंची एक खेप का हिस्सा था। एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड के अनुसार, यह फोन कई वर्षों तक सक्रिय नहीं हुआ था। जांचकर्ताओं का दावा है कि फोन के इस्तेमाल का कोई रिकॉर्ड लंबे समय तक नहीं मिला और बाद में यह आतंकियों के पास पाया गया।

दूसरे फोन को लेकर भी उठे सवाल

जांच एजेंसियों के मुताबिक, दूसरा मोबाइल Redmi Note 12 भी पाकिस्तान से जुड़ी सप्लाई चेन का हिस्सा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह फोन लंबे समय तक निष्क्रिय रहा। अब एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों मोबाइल आखिर आतंकियों तक कैसे पहुंचे।

कॉल रिकॉर्ड नहीं, लेकिन तस्वीरों और नक्शों से मिले संकेत

सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन से कोई कॉल रिकॉर्ड, चैट या इंटरनेट कम्युनिकेशन नहीं मिला है। हालांकि इनमें कुछ तस्वीरें और डिजिटल मैप मिले हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये तस्वीरें और नक्शे हमले से पहले इलाके की रेकी से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल इन डिजिटल सबूतों की फोरेंसिक जांच जारी है।

जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल

NIA और अन्य एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन मोबाइलों को किसी विशेष उद्देश्य से लंबे समय तक सुरक्षित रखा गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इनके पीछे कोई बड़ा लॉजिस्टिक या आतंकी नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल एजेंसियों ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।

अभी जारी है जांच

अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन, उनमें मौजूद डेटा और सप्लाई हिस्ट्री की गहन जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में मिले संकेतों के आधार पर कई एंगल पर काम हो रहा है। एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।