दय्यान खान

Pappu Yadav के विवादित बयान पर सियासी बवाल तेज हो गया है। महिलाओं को लेकर दिए गए उनके बयान—“राजनीति में बिना शोषण महिलाओं की एंट्री नहीं होती” और “99 प्रतिशत बाबा लड़कियों का शोषण करते हैं”—पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस मुद्दे पर Indian National Congress (कांग्रेस) समेत कई नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और माफी की मांग की है।

क्या कहा पप्पू यादव ने?

पप्पू यादव ने 20 अप्रैल को महिला आरक्षण और महिलाओं के शोषण के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा था कि “90 प्रतिशत महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बेड से शुरू होता है।” इसके बाद फेसबुक लाइव में उन्होंने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा, “मैंने कहा है कि महिलाओं को राजनीति में आने के लिए शोषण से गुजरना होता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि “आसाराम और मुंबई वाले बाबा सहित 99 प्रतिशत बाबा लड़कियों का शोषण करते हैं।” साथ ही उन्होंने दावा किया कि 755 नेताओं पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं।

बयान पर क्यों मचा बवाल?

पप्पू यादव के बयान को महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ बताते हुए कई राजनीतिक दलों और महिला संगठनों ने विरोध जताया है। बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई।

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता प्रतिमा दास ने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो यह शर्मनाक है। ऐसी भाषा महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। पप्पू यादव को माफी मांगनी चाहिए।”

कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि इस तरह की टिप्पणी “बर्दाश्त के बाहर” है।

महिला आयोग का नोटिस

Bihar State Women Commission ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पप्पू यादव को नोटिस भेजा है। आयोग ने बयान को “घृणित” बताते हुए जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि जवाब नहीं मिलने पर लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की मांग की जा सकती है।

महिला आयोग अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा,

“यह महिलाओं का अपमान है। मैं खुद छात्र राजनीति से यहां तक पहुंची हूं, मुझे ऐसा कभी नहीं झेलना पड़ा। अगर पप्पू यादव जवाब नहीं देते तो कार्रवाई की मांग की जाएगी।”

पप्पू यादव ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद पप्पू यादव ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद महिलाओं का अपमान करना नहीं, बल्कि शोषण के मुद्दे को उठाना था। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

सियासी असर

इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्ष इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि अब सबकी नजर इस पर है कि पप्पू यादव आगे माफी मांगते हैं या अपने बयान पर कायम रहते हैं।