नई दिल्ली: देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह उसकी स्पीड या सुविधाएं नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए इस वीडियो में एक TTE पर आरोप लगा है कि वह यात्री को आधे दाम में सीट दिलाने की बात कर रहा था।


वीडियो में कथित तौर पर TTE एक यात्री से बातचीत करता नजर आता है। बातचीत के दौरान वह कहता सुनाई देता है कि वह 380 रुपये में सीट की व्यवस्था कर सकता है, जबकि उसी सीट का आधिकारिक किराया करीब 700 रुपये बताया जा रहा है। जब यात्री टिकट मांगता है, तो TTE कथित तौर पर दोगुने पैसे देने की बात कहता है।

दावा किया जा रहा है कि TTE बिना टिकट पैसे लेकर यात्रा कराने का “स्पेशल ऑफर” चला रहा था। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने इसे रेलवे में भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी बताया। लोगों का कहना था कि अगर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में भी इस तरह की गड़बड़ी हो रही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।


मामला सामने आने के बाद रेलवे सेवा और डीआरएम दानापुर ने तुरंत पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। शुरुआती जांच के बाद संबंधित टीटीई को सस्पेंड कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने साफ कहा कि नियमों से हटकर किसी यात्री से पैसे लेना या बिना सही प्रक्रिया के सीट देना बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने टीटीई के व्यवहार की आलोचना करते हुए इसे रेलवे में फैले भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया।


वहीं कुछ यूजर्स का कहना था कि सरकारी विभागों में इस तरह की गड़बड़ियां नई बात नहीं हैं। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि शायद टीटीई यात्री की मदद करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नियमों के खिलाफ कोई भी काम सही नहीं माना जा सकता