आज (27 अप्रैल 2026) राजनीतिक हलकों में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसदों में से Raghav Chadha सहित कुल 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह सभी सांसद एक समूह के रूप में सामने आए और उन्होंने संविधान के “दो-तिहाई (2/3) मर्जर प्रावधान” का हवाला देते हुए कहा कि उनका यह कदम पार्टी विभाजन नहीं बल्कि वैध विलय (merger) है।

इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा के सभापति के समक्ष यह मामला प्रस्तुत किया गया, जहां से मिली जानकारी के अनुसार सभापति ने इस मर्जर को स्वीकार कर लिया और इसे संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद राज्यसभा सचिवालय द्वारा भी सदस्यों की सूची में आवश्यक बदलाव किए जाने की बात सामने आई है।

इस बदलाव का सीधा असर राज्यसभा की संख्या बल पर पड़ा है। AAP की संख्या घटकर काफी कम हो गई है, जबकि BJP और उसके सहयोगियों की स्थिति और मजबूत हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बदलाव उच्च सदन की रणनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर AAP ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम असंवैधानिक है और इसे दबाव या राजनीतिक लाभ के तहत किया गया फैसला बताया जा रहा है। AAP ने इस मर्जर को चुनौती देने की बात कही है और कुछ सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी राज्यसभा सभापति के समक्ष उठाई गई है।