उत्तर प्रदेश में बुधवार को आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से भारी तबाही हुई, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने से रेल यातायात, बिजली आपूर्ति और उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिस पर सरकार ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में बुधवार को आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों पर बने चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी राजस्थान से आ रही पुरवा हवा के कारण यूपी के कई जिलों में 100 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से आंधी चली। इस वजह से अलग-अलग जिलों में पेड़, दीवार, बिजली के खंभे गिरने और वज्रपात से कुल 75 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। आंधी के कारण रेल यातायात और बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही।
खराब मौसम का असर एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन पर भी पड़ा। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। सबसे अधिक असर प्रयागराज मंडल में देखने को मिला। शाम साढ़े चार बजे से लगभग 50 मिनट तक चली आंधी के कारण प्रयागराज में 17, प्रतापगढ़ में चार और कौशांबी में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र में 10 लोगों की गई जान
प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र में सबसे ज्यादा 10 लोगों ने जान गंवाई। तेज चक्रवाती आंधी के दौरान दो हजार से अधिक पेड़ उखड़ गए। रेल लाइनों पर पेड़ गिरने से कई ट्रेनें रास्ते में खड़ी रहीं। प्रयागराज-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस भी करीब सवा घंटे तक रुकी रही। तीन दर्जन से ज्यादा मवेशियों की भी मौत हो गई।
पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में भी गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश के बीच कई पेड़ गिर गए। दीवार और खंभे गिरने से भदोही में 12, मिर्जापुर में 10, चंदौली में दो और सोनभद्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वाराणसी में मकान का छज्जा और दीवार गिरने से तीन लोग घायल हो गए।
कानपुर और आसपास के जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौरान 12 लोगों की मौत हुई। फतेहपुर में निर्माणाधीन भवन गिरने, पेड़ टूटने और अन्य हादसों में सात लोगों की जान चली गई।
खंभा गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत
उन्नाव में पेड़ और बिजली का खंभा गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। कानपुर देहात में युवती और बालिका की जान चली गई, जबकि 33 बकरियों की भी मौत हो गई। कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग और उन्नाव-रायबरेली रेलमार्ग पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन घंटों प्रभावित रहा। कई जिलों में बिजली के खंभे और तार टूटने से हजारों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बरेली मंडल में भी आंधी जानलेवा साबित हुई। बरेली, बदायूं और आसपास के क्षेत्रों में पेड़ और दीवार गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई। कई बच्चे और अन्य लोग घायल हुए। हाईवे और मुख्य सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं, मुरादाबाद में भी हादसों में दो लोगों की मौत हुई है।
सीतापुर, लखीमपुर और हरदोई में भी आंधी-बारिश के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई। सीतापुर में पेड़ और दीवार गिरने से दो लोगों की जान गई और छह लोग घायल हो गए। लखीमपुर में बिजली गिरने से हादसा हुआ, जबकि हरदोई में बिजली गिरने और दीवार ढहने से दो लोगों की मौत हो गई।
लखनऊ समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी
बारिश और तेज हवा के चलते भीषण गर्मी से काफी राहत मिली, लेकिन मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक लखनऊ समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के आसार हैं।
कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश से तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया, लेकिन बुंदेलखंड समेत कई इलाकों में गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए। बुधवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, प्रदेश में आगामी एक सप्ताह के दौरान शुष्क मौसम के साथ तापमान में वृद्धि होगी।
वर्षा, आंधी और बिजली से हुई जनहानि पर योगी सख्त
प्रदेश में अतिवृष्टि, आंधी और बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्यों की निगरानी करने और नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
