महानगर गैस लिमिटेड ने मुंबई महानगर क्षेत्र में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं, जिसके बाद मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में सीएनजी की कीमत 84 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। इस फैसले का सीधा असर लाखों वाहन चालकों और यात्रियों पर पड़ने वाला है।
सीएनजी की कीमत बढ़ने के बाद सबसे ज्यादा चिंता ऑटो और टैक्सी चालकों में देखी जा रही है। उनका कहना है कि पहले से ही ईंधन, रखरखाव और परमिट की लागत बढ़ चुकी है, ऐसे में नई कीमतों से उनकी आमदनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
मुंबई महानगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा और टैक्सियां सीएनजी पर चलती हैं। ऐसे में किराया बढ़ाने की मांग फिर तेज हो गई है। चालक संगठनों का कहना है कि यदि किराए में संशोधन नहीं किया गया तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
निजी वाहन मालिकों पर भी इस बढ़ोतरी का असर साफ दिखाई देगा। जो लोग पेट्रोल और डीजल की तुलना में कम खर्च के कारण सीएनजी वाहन इस्तेमाल कर रहे थे, उनकी मासिक ईंधन लागत अब पहले से अधिक हो जाएगी।
रोजाना लोकल परिवहन पर निर्भर लाखों यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका असर झेलना पड़ सकता है। यदि ऑटो और टैक्सी किराया बढ़ता है, तो आम लोगों की यात्रा लागत में भी बढ़ोतरी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और सप्लाई लागत में बदलाव के कारण कंपनियां समय-समय पर सीएनजी के दाम संशोधित करती हैं। हालांकि लगातार बढ़ती कीमतें आम जनता की चिंता बढ़ा रही हैं।
मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोग रोजाना कामकाज के लिए सार्वजनिक और निजी परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में ईंधन महंगा होने से शहरी जीवन की लागत पर व्यापक असर पड़ सकता है।
कुछ यात्रियों ने चिंता जताई है कि यदि किराया बढ़ा, तो रोजाना ऑफिस आने-जाने का खर्च काफी बढ़ जाएगा। मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
वहीं परिवहन संगठनों ने सरकार से मांग की है कि सीएनजी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें परिवहन क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
सीएनजी ( CNG) की नई कीमतों को लेकर अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार और परिवहन विभाग किराया बढ़ोतरी को मंजूरी देंगे या आम लोगों को राहत देने के लिए कोई वैकल्पिक कदम उठाए जाएंगे।
