देशभर में इन दिनों सोने को लेकर एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिल रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की है, वहीं दूसरी तरफ ज्वेलरी बाजारों में ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार सोने और ज्वेलरी की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की कि वे फिलहाल सोने की खरीदारी टालें। इसके पीछे सरकार की बड़ी आर्थिक चिंता विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) और बढ़ता आयात बिल बताया जा रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है और बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से डॉलर में खरीदा जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात, पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच देश पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में सोने जैसी आयात आधारित वस्तुओं की खरीद कम करने से विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत ने हालिया वित्तीय वर्ष में लगभग 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो कुल आयात बिल का बड़ा हिस्सा रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एक साल तक सोने की खरीद कम होती है तो इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद ज्वेलरी उद्योग में चिंता भी देखी गई। छोटे कारोबारियों और कारीगरों ने आशंका जताई कि यदि लोग लंबे समय तक खरीदारी रोकते हैं तो रोजगार पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक बाजार के शुरुआती संकेत बताते हैं कि मांग कमजोर पड़ने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है।
हालिया रिपोर्ट्स यह भी दिखाती हैं कि अब लोग पारंपरिक ज्वेलरी के साथ निवेश के उद्देश्य से गोल्ड ETF और गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों की तरफ भी बढ़ रहे हैं। निवेश आधारित मांग में तेजी देखी गई है।
