बक्सर।

बिहार में जेठ के महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बक्सर जिले में सूर्य की तपिश और जानलेवा लू के कारण आम जनजीवन पूरी तरह त्रस्त है। जिले का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिसके बाद मौसम विभाग ने बक्सर सहित कई जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।

इस जानलेवा गर्मी से बच्चों और नौनिहालों को सुरक्षित रखने के लिए बक्सर की जिलाधिकारी साहिला ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कोचिंग संस्थानों समेत आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं।

जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से 31 मई 2026 तक पूरी तरह बंद रहेंगी।

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट (कक्षा 9 से 12) की कक्षाएं अब केवल सुबह के वक्त संचालित होंगी। छात्रों को सुबह 11:00 बजे के बाद स्कूल में रोकने पर पूरी तरह पाबंदी होगी।

छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, निजी कोचिंग संस्थानों के दोपहर के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बक्सर का अधिकतम तापमान 44.4°C तक पहुंच गया है, जिससे यह राज्य के सबसे गर्म जिलों में शुमार हो गया है। शुष्क पछुआ हवाओं और दोपहर के समय चलने वाली तेज लू के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि:


"भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की प्रबल आशंका है। बच्चों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।"

जिलाधिकारी ने बक्सर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), सभी अनुमंडल अधिकारियों (SDM), और प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। यदि कोई भी निजी स्कूल या कोचिंग संस्थान चोरी-छिपे दोपहर में कक्षाएं संचालित करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।