उतर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार से झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है, राजनीति से जुड़े यादव परिवार में बुधवार सुबह उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की अचानक मौत की खबर सामने आई। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने न सिर्फ यादव परिवार बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी गहरी संवेदना और कई सवाल छोड़ दिए हैं।


प्रतीक यादव पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे और भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव के पति थे।अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक प्रमुख नेत्री और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष है! साधना गुप्ता का निधन वर्ष 2022 में हुआ था। प्रतीक और अपर्णा की कहानी राजनीतिक परिवारों की पारंपरिक छवि से अलग मानी जाती रही। दोनों के बीच स्कूली दिनों में दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदली। इंग्लैंड में साथ पढ़ाई करने के बाद दोनों ने विवाह किया। अपर्णा यादव जहां राजनीति में सक्रिय रहीं, वहीं प्रतीक व्यवसाय और फिटनेस की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखते थे। उन्हें परिवार और करीबी लोग फिटनेस के प्रति बेहद सजग और अनुशासित जीवनशैली वाले व्यक्ति के रूप में जानते थे।



डॉक्टरों ने क्या बताया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर

लखनऊ के सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेश चंद्र पांडेय के अनुसार, प्रतीक यादव को सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा गया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।


इस बीच परिवार और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।



“मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था, स्वास्थ्य का ध्यान रखो…”

प्रतीक यादव की मौत पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सबसे ज्यादा चर्चा में रही। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर इसे “हिला देने वाली खबर” बताया और ईश्वर से शांति की प्रार्थना की। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव भावुक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वह प्रतीक को बचपन से जानते थे और कुछ दिन पहले ही मुलाकात के दौरान उन्होंने उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कारोबार पर ध्यान देने की बात कही थी।


अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कभी-कभी आर्थिक और कारोबारी दबाव इंसान को भीतर से तोड़ देते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि परिवार और कानून जो प्रक्रिया तय करेंगे, उसी के अनुसार आगे बढ़ा जाएगा।


राजनीति से परे संवेदनाओं का माहौल

प्रतीक यादव की मौत पर राजनीतिक मतभेद भी पीछे छूटते दिखाई दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अत्यंत दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी शोक संदेश जारी किया। समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम खाते पर श्रद्धांजलि दी।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यादव परिवार लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा है, लेकिन परिवार के निजी दुख अक्सर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन जाते हैं। प्रतीक यादव भले सक्रिय राजनीति में नहीं थे, लेकिन उनका संबंध राज्य के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक से था। यही वजह है कि उनकी अचानक मौत ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी गहरी संवेदना पैदा की है।