पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद जारी हिंसा के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है और राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना कोलकाता के पास स्थित माध्यमग्राम इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि चंद्रा को बेहद नजदीक से निशाना बनाया गया। अज्ञात हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलाईं, जो उनके सिर, सीने और पैर में लगीं। गोली लगने के बाद चंद्रा गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हमले के बाद हमलावर तुरंत मौके से फरार हो गए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर कौन थे और उन्होंने इस वारदात को किस वजह से अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और वे इस तरह की घटनाओं को लेकर चिंता जता रहे हैं।

इस बीच, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इससे पहले राज्य में हो रही पोस्ट-पोल हिंसा को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में कई जगहों पर हिंसा हो रही है और लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में FIR दर्ज नहीं की गई है।

सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि पुलिस महानिदेशक (DGP) ने उन्हें बताया कि 50-60 शिकायतें मिली हैं, लेकिन उन्हें छोटे मामले बताया गया। उन्होंने 2021 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भाजपा ने 355 सुरक्षित ठिकाने बनाए थे और करीब 1 लाख 10 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को हेलीकॉप्टर से असम जाना पड़ा था।

चंद्रा की हत्या के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।