पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति का संतुलन बदल दिया है। रिकॉर्ड मतदान और तेज़ रुझानों के बीच राजनीतिक बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। बीजेपी पहली बार प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी अब तक के सबसे बड़े गिरावट का सामना कर रही है। इस बदलते माहौल में, आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के प्रमुख हुमायूं कबीर का बयान सियासी हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
जो हुआ, अच्छा हुआ हुमायूं कबीर का तीखा बयान
टीएमसी पर हमला बोलते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि यह नतीजे जनता की नाराज़गी का सीधा संकेत हैं। उन्होंने कहा मैं क्या कहूं? जो हुआ अच्छा हुआ, यह तो होना ही था। ममता बनर्जी तीन बार मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन उन्होंने अपने भतीजे को इतनी ताकत दे दी कि सब बेलगाम हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में भ्रष्टाचार और मनमानी ने जनता को नाराज़ किया।
भ्रष्टाचार और भतीजावाद टीएमसी के पतन की वजह?
कबीर ने कहा कि सत्ता का केंद्रीकरण और परिवारवाद टीएमसी की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई।
उनके अनुसार बंगाल की जनता ने बहुत समझदारी से फैसला लिया है। अब लोग लूट और धोखेबाजी बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं।
टीएमसी भ्रष्टाचार के दलदल में डूब चुकी है
बीजेपी की ऐतिहासिक बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा
राजनीति करने का अधिकार सबको है, ममता बनर्जी को भी। लेकिन गलत कामों और भ्रष्टाचार का नतीजा आज सामने है।कबीर ने यह भी कहा कि तस्वीर साफ होने के बाद वे जनता और कार्यकर्ताओं से मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
