मध्य प्रदेश के जबलपुर में चल रहे एनसीसी ट्रेनिंग कैंप में अचानक कई कैडेट्स की तबीयत बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई। डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में आयोजित कैंप में डिनर के कुछ समय बाद बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और कमजोरी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर 30 से ज्यादा कैडेट्स को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें कुछ बच्चों को आईसीयू में भी भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर है।

रिपोर्ट्स के अनुसार कैंप में करीब 450 कैडेट्स हिस्सा ले रहे थे। शुरुआती जांच में तेज गर्मी, डिहाइड्रेशन, दूषित खाना और फूड पॉइजनिंग जैसी आशंकाएं सामने आई हैं। कुछ बच्चों ने डिनर में पनीर खाने के बाद परेशानी बढ़ने की बात कही, जिसके बाद पनीर की क्वालिटी पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने खाने और पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।

45 डिग्री तापमान बना बड़ी वजह?

जबलपुर समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। कई रिपोर्ट्स में तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक बताया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक धूप में ट्रेनिंग, शरीर में पानी की कमी और खराब भोजन मिलकर बच्चों की हालत बिगाड़ सकते हैं। हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे उल्टी, कमजोरी, बेहोशी और डिहाइड्रेशन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।

गर्मियों में पनीर क्यों बन जाता है खतरनाक?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक पनीर दूध से बनने वाला प्रोडक्ट है, इसलिए गर्म मौसम में यह बहुत जल्दी खराब हो सकता है। अगर इसे सही तापमान पर स्टोर न किया जाए तो इसमें बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। कई बार बाजार में नकली या एनालॉग पनीर भी बेचा जाता है, जिसमें स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति तेल और केमिकल मिलाए जाते हैं। ऐसा पनीर फूड पॉइजनिंग और पेट संक्रमण का कारण बन सकता है।

घर पर ऐसे पहचानें असली और नकली पनीर

असली पनीर हल्का मुलायम और दानेदार होता है, जबकि नकली पनीर ज्यादा चिकना या रबड़ जैसा लग सकता है।

गर्म पानी में डालने पर अगर पनीर टूटने लगे या ज्यादा खिंचे तो उसकी क्वालिटी खराब हो सकती है।

पनीर पर आयोडीन डालने पर रंग नीला पड़ जाए तो उसमें स्टार्च की मिलावट हो सकती है।

ताजा पनीर से हल्की दूध जैसी खुशबू आती है, जबकि खराब पनीर से खट्टी या केमिकल जैसी स्मेल आ सकती है।

बहुत ज्यादा चमकदार और सस्ता पनीर खरीदने से बचना चाहिए।

बच्चों पर क्या असर पड़ सकता है?

डॉक्टरों के अनुसार मिलावटी या खराब पनीर खाने से बच्चों में फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट संक्रमण और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक ऐसे फूड का सेवन लिवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। छोटे बच्चों और युवाओं में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है क्योंकि गर्मी में शरीर जल्दी कमजोर पड़ता है।

एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं?

गर्मियों में खुले में रखा पनीर खरीदने से बचें।

हमेशा भरोसेमंद डेयरी या दुकान से ही पनीर लें।

खरीदने के तुरंत बाद फ्रिज में स्टोर करें।

बदबू, चिपचिपापन या रंग बदलने पर पनीर इस्तेमाल न करें।

बाहर कैंप या ट्रैवल के दौरान हल्का और ताजा खाना ही खाएं।

फिलहाल जबलपुर मामले में स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी टीम जांच कर रही है कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह फूड पॉइजनिंग थी, हीट स्ट्रोक था या दोनों का असर एक साथ पड़ा।