मानव अंतरिक्ष मिशन हमेशा से विज्ञान, तकनीक और मानव साहस की पहचान रहे हैं। इसी सिलसिले में हाल ही में NASA के आर्टिमिस II मिशन ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह मिशन इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि अंतरिक्ष यात्री चाँद के पास की कक्षा से होकर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे, और इसे भविष्य के मानव-चंद्र अभियानों की तैयारी का बड़ा कदम बताया गया।जहाँ वैज्ञानिक समुदाय इस मिशन को आधुनिक स्पेस साइंस की जीत मान रहा था, वहीं सोशल मीडिया की दुनिया में एक अनोखा मोड़ आया एक वायरल वीडियो जिसमें एक शख्स अंतरिक्ष यात्रियों पर ही मिशन को फर्जी बताकर हमला बोलता दिखाई देता है। यही वीडियो अब वैश्विक बहस का कारण बन चुका है।


पूरी घटना तब सामने आई जब आर्टिमिस II के चार अंतरिक्ष यात्री अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से मिल रहे थे। यह स्थान यूनाइटेड स्टेट कैपिटल का परिसर बताया जा रहा है। उसी दौरान एक आदमी अचानक उनके सामने आ गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि यह पूरा मिशन झूठ है और उन्होंने कभी चाँद तक यात्रा की ही नहीं।वायरल वीडियो में वह आदमी बार-बार कहता दिखता है Stop lying! You never went to the moon अंतरिक्ष यात्रियों ने बिना किसी बहस के शांत स्वभाव से उसकी बात सुनी और आगे बढ़ते रहे। लेकिन घटना यहीं खत्म नहीं हुई वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही चर्चा और विवाद दोनों तेज हो गए।


वीडियो के वायरल होते ही प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने दो धड़े बना लिए एक बड़ा समूह उस शख्स को गुप्त सूचना देने वाला बता रहा है जो हर स्पेस मिशन को नकली मानता है।दूसरी तरफ कुछ लोग कह रहे हैं कि NASA को जनता के संदेह दूर करने के लिए और पारदर्शिता लानी चाहिए।वहीं कई लोगों ने इस वीडियो गलत सूचना के खतरनाक असर का उदाहरण बताया।


वैज्ञानिक समुदाय और स्पेस विशेषज्ञों के अनुसार बिल्कुल नहीं।मिशन से जुड़े तकनीकी डेटा, लाइव स्ट्रीम, आधिकारिक डॉक्यूमेंट, और मिशन की तस्वीरें पहले से उपलब्ध हैं। इन सभी प्रमाणों के आधार पर आर्टिमिस II को सफल और वास्तविक माना जाता है।

लेकिन इंटरनेट पर ये बाते इतनी तेज़ी से फैलती हैं कि सच्चाई भी अक्सर संशय के घेरे में आ जाती है।