
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक Osama Shahab की गिरफ्तारी पर पटना हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है। इससे पहले सीवान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पटना स्थित उनके सरकारी आवास तक पहुंच गई थी और वहां छापेमारी भी की गई थी।
यह पूरा मामला सीवान जिले के महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव में जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। एक डॉक्टर दंपति ने विधायक ओसामा शहाब पर उनकी जमीन पर कब्जा करने, निर्माण कार्य रुकवाने, मारपीट कराने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इसी शिकायत के आधार पर 15 अप्रैल 2026 को उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर दंपति डॉ. सुधा सिंह और उनके पति डॉ. विनय कुमार सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने सितंबर 2024 में यह जमीन खरीदी थी। जमीन के सभी कागजात उनके संयुक्त नाम पर दर्ज हैं। करीब चार महीने पहले उन्होंने वहां चारदीवारी और एक कमरे का निर्माण कार्य शुरू कराया था।

आरोप है कि इसी दौरान विधायक ओसामा शहाब ने जमीन पर अपना दावा जताया और निर्माण कार्य रुकवाने को कहा। डॉक्टर दंपति का कहना है कि उन्होंने विधायक को जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज भी दिखाए थे। उस समय उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर कागजात सही पाए गए तो काम में कोई रुकावट नहीं होगी।
लेकिन कुछ दिनों बाद जब दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया तो 14 अप्रैल को कथित तौर पर फोन कर काम बंद करने की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद 30 से 40 लोग हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों के साथ मारपीट की। साथ ही वहां लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और मजदूरों के मोबाइल फोन, कटर मशीन और अन्य सामान भी छीन लिए गए।
इस मामले में फरहान और साबिर नाम के दो लोगों का भी नाम सामने आया है। पुलिस ने विधायक ओसामा शहाब समेत तीन नामजद और 30 से 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बुधवार को सीवान पुलिस विधायक ओसामा शहाब को गिरफ्तार करने पटना पहुंची थी। सीवान SDPO अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित MLA फ्लैट में छापेमारी की। हालांकि उस समय विधायक अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद उनके करीबी लोगों ने पुलिस को बताया कि हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे मिल चुका है। इसके बाद पुलिस ने स्टे से जुड़े दस्तावेज मांगे।

इसी बीच पटना हाईकोर्ट ने सीवान कोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए पुलिस से केस डायरी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि जब तक केस डायरी उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस सत्यव्रत वर्मा की बेंच करेगी।
वहीं विधायक ओसामा शहाब की तरफ से भी सफाई दी गई है। उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है, वह जमीन जनवरी 2023 में उनकी पत्नी डॉ. आयशा के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई थी। बाद में यह मामला कोर्ट में चला गया था, जिसके कारण वहां काम रुकवा दिया गया था। उनका दावा है कि बाद में नवंबर 2024 में उसी जमीन की रजिस्ट्री डॉक्टर दंपति के नाम करा ली गई।
सूत्रों के मुताबिक, विधायक बनने के बाद ओसामा शहाब पर दर्ज यह पहला मामला है। हालांकि विधायक बनने से पहले भी उनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में करीब पांच मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, जो अभी अदालत में लंबित हैं।

