ओडिशा में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में तेज गर्मी के बीच 16 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिनमें से तीन लोगों की मौत हीटस्ट्रोक (लू लगने) की वजह से हुई बताई जा रही है। वहीं कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत के आसार कम जताए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राज्य में बढ़ती गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड में है। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक तापमान और लू के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। कुछ इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने के कारण दिन के समय सड़कें लगभग सुनसान नजर आईं। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय कई बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम देखी गई।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, तेज सिरदर्द, अत्यधिक पसीना या अचानक कमजोरी महसूस होना हीटस्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
गर्मी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को हो रही है। कई इलाकों में मजदूरों ने दोपहर के समय काम रोकने का फैसला किया है ताकि तेज धूप से बचा जा सके। स्कूलों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर समय में बदलाव या छुट्टियों पर विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण देश के कई हिस्सों में गर्मी पहले की तुलना में ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। ओडिशा उन राज्यों में शामिल है जहां हर साल गर्मी के मौसम में लू का असर गंभीर रूप से देखने को मिलता है।
फिलहाल, प्रशासन की कोशिश है कि लोगों को जागरूक किया जाए और हीटवेव से बचाव के उपाय तेजी से लागू किए जाएं। जगह-जगह पानी की व्यवस्था, मेडिकल कैंप और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं सक्रिय की जा रही हैं।
हालांकि, मौसम विभाग ने फिलहाल राहत के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है। ओडिशा में गर्मी का यह बढ़ता असर चिंता का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में स्थिति पर सबकी नजर बनी रहेगी।
