erer | Source: ererकई लोग अपनी लव लाइफ में बार-बार ऐसे लोगों के साथ जुड़ जाते हैं, जो उनकी भावनाओं, जरूरतों या भविष्य की उम्मीदों के मुताबिक नहीं होते। शुरुआत में रिश्ता बेहद अच्छा लगता है, लेकिन कुछ समय बाद गलतफहमियां, दूरी, असहमति या भावनात्मक परेशानी सामने आने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा बार-बार हो रहा है, तो केवल किस्मत को जिम्मेदार मानने के बजाय अपनी डेटिंग अप्रोच पर भी ध्यान देना जरूरी है।

रिलेशनशिप कोच जावल भट्ट के अनुसार, डेटिंग के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों को शुरुआत से स्पष्ट रखना व्यक्ति को गलत रिश्ते में फंसने से बचा सकता है। उनका मानना है कि किसी नए रिश्ते में जल्दबाजी करने के बजाय सामने वाले व्यक्ति को समझना, अपनी सीमाओं को पहचानना और अपनी वास्तविक पहचान के साथ रहना जरूरी है। इन बातों पर ध्यान देने से व्यक्ति को यह समझने में मदद मिल सकती है कि सामने वाला उसके लिए सही पार्टनर है या नहीं।

1. अगर शादी चाहते हैं तो शुरुआत से अपना लक्ष्य स्पष्ट रखें

हर व्यक्ति डेटिंग से एक जैसी उम्मीद नहीं रखता। कुछ लोग केवल एक-दूसरे को जानने के लिए रिश्ता शुरू करते हैं, जबकि कुछ लोग लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते या शादी की संभावना तलाशते हैं। ऐसे में सबसे पहले खुद के लिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आप इस रिश्ते से क्या चाहते हैं।

अगर आपका उद्देश्य शादी या लंबे समय तक चलने वाला रिश्ता है, तो ऐसे व्यक्ति के साथ लंबे समय तक आगे बढ़ने से बचना बेहतर हो सकता है, जो रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं है और केवल यह सोचकर आगे बढ़ रहा है कि भविष्य में देखा जाएगा। शुरुआत में अपनी अपेक्षाओं को स्पष्ट रखने से दोनों लोगों की सोच को समझने में मदद मिल सकती है और बाद में होने वाली निराशा की संभावना कम हो सकती है।

2. रिश्ते को तेजी से नहीं, समझदारी से आगे बढ़ाएं

किसी व्यक्ति के साथ पहली कुछ मुलाकातें अच्छी होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह लंबे समय के लिए भी सही पार्टनर साबित होगा। शुरुआती आकर्षण के दौरान लोग अक्सर सामने वाले की अच्छी बातों पर ज्यादा ध्यान देते हैं और उसकी आदतों तथा व्यवहार के दूसरे पहलुओं को नजरअंदाज कर देते हैं।

इसलिए रिश्ते को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना जरूरी है। सामने वाले के व्यवहार, सोच, आदतों और दूसरे लोगों के प्रति उसके रवैये को समझने के लिए समय दें। जल्दबाजी में रिश्ते को बहुत आगे ले जाने के बजाय एक-दूसरे को जानने का अवसर देने से व्यक्ति की वास्तविक सोच को समझना आसान हो सकता है।

3. प्यार के लिए अपनी पहचान बदलने की जरूरत नहीं

किसी को प्रभावित करने या उसका प्यार हासिल करने के लिए खुद को पूरी तरह बदल लेना लंबे समय में परेशानी का कारण बन सकता है। डेटिंग के दौरान अपनी वास्तविक पसंद, नापसंद, सोच और व्यक्तित्व को छिपाने के बजाय ईमानदारी से सामने रखना बेहतर है।

अगर किसी रिश्ते की शुरुआत ही इस तरह होती है कि एक व्यक्ति दूसरे को खुश करने के लिए अपनी असली पहचान बदलने लगे, तो आगे चलकर असहजता पैदा हो सकती है। एक स्वस्थ और लंबे समय तक चलने वाला रिश्ता आपसी समझ और वास्तविक व्यक्तित्व को स्वीकार करने पर आधारित होता है। इसलिए सामने वाले को पसंद आने के लिए खुद को ऐसा बनाने की कोशिश न करें, जो आप वास्तव में हैं ही नहीं।

4. फिजिकल इंटिमेसी से पहले अपनी सीमाओं को समझें

रिश्ते में शारीरिक नजदीकी एक व्यक्तिगत फैसला है और इसमें दोनों लोगों की सहमति तथा सहजता महत्वपूर्ण है। अगर आप किसी गंभीर और कमिटेड रिलेशनशिप की तलाश में हैं, तो फिजिकल इंटिमेसी से पहले यह समझना जरूरी है कि रिश्ते को लेकर दोनों की सोच क्या है।

अपनी सीमाओं को लेकर सामने वाले से खुलकर बातचीत करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति की अपेक्षाएं आपकी सीमाओं से अलग हैं, तो इसे शुरुआती स्तर पर समझना महत्वपूर्ण है। अपनी बाउंड्रीज स्पष्ट रखने से आपको यह तय करने में मदद मिल सकती है कि रिश्ता आपकी भावनात्मक और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुकूल है या नहीं।

5. कमिटमेंट को लेकर बाद में नहीं, शुरुआत में करें बात

कई रिश्तों में परेशानी इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि दोनों लोग रिश्ते को अलग-अलग नजरिए से देखते हैं। एक व्यक्ति इसे गंभीर रिश्ता मान रहा होता है, जबकि दूसरा अभी इसे केवल डेटिंग के स्तर पर समझ रहा होता है। ऐसी स्थिति में समय बीतने के साथ भावनात्मक उलझन बढ़ सकती है।

इसलिए अगर आपके लिए कमिटमेंट महत्वपूर्ण है, तो शुरुआत में ही इस विषय पर बातचीत करना बेहतर है। इसका मतलब यह नहीं है कि पहली मुलाकात में ही भविष्य का पूरा फैसला कर लिया जाए, बल्कि इतना जरूर स्पष्ट होना चाहिए कि दोनों व्यक्ति रिश्ते को किस दिशा में देख रहे हैं। स्पष्ट बातचीत बाद में होने वाली गलतफहमियों को कम करने में मदद कर सकती है।

6. पुराने रिश्ते का दर्द नए पार्टनर के साथ न दोहराएं

पिछले रिश्ते में मिली चोट का असर कई बार व्यक्ति के नए रिश्ते पर भी पड़ सकता है। किसी पुराने रिश्ते में धोखा, उपेक्षा या भावनात्मक परेशानी का अनुभव हुआ हो, तो नए पार्टनर के साथ भी वही डर या व्यवहार दोहराया जा सकता है।

रिलेशनशिप कोच जावल भट्ट के बताए नियमों के मुताबिक, नए रिश्ते में जाने से पहले पुराने अनुभवों को समझना जरूरी है। व्यक्ति को यह पहचानने की कोशिश करनी चाहिए कि पिछली रिलेशनशिप में क्या गलत हुआ था और किन व्यवहारों या पैटर्न को वह अनजाने में फिर से दोहरा रहा है। पुराने रिश्ते की गलतियों को नए रिश्ते में दोहराने से बचना एक स्वस्थ संबंध के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

सिर्फ प्यार नहीं, अपनी जरूरतों और सीमाओं को भी समझें

सही पार्टनर चुनने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि आपको सामने वाला कितना पसंद है। यह भी समझना जरूरी है कि रिश्ते में आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजें क्या हैं। हर व्यक्ति की प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं और कुछ ऐसी बातें भी हो सकती हैं, जिन पर वह समझौता नहीं करना चाहता।

इसलिए डेटिंग शुरू करने से पहले अपनी जरूरी प्राथमिकताओं और सीमाओं को पहचानना उपयोगी हो सकता है। इसके बाद समय के साथ यह देखें कि सामने वाले व्यक्ति की सोच, व्यवहार और जरूरतें आपकी अपेक्षाओं से कितनी मेल खाती हैं। यही प्रक्रिया आपको रिश्ते की अनुकूलता यानी कंपैटिबिलिटी को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती है।

बार-बार गलत रिश्ते में जाने से बचने के लिए खुद को भी समझना जरूरी

किसी रिश्ते के सफल या असफल होने में केवल सामने वाले व्यक्ति की भूमिका नहीं होती। डेटिंग के दौरान व्यक्ति खुद किस तरह के लोगों की ओर आकर्षित होता है, किन व्यवहारों को नजरअंदाज करता है और अपनी सीमाओं को कितना स्पष्ट रखता है, इन बातों का भी महत्व होता है।

अगर बार-बार एक जैसी परिस्थितियों में रिश्ता खत्म हो रहा है, तो अपने अनुभवों पर विचार करना उपयोगी हो सकता है। क्या आपने शुरुआत में अपनी उम्मीदें स्पष्ट की थीं? क्या आपने सामने वाले को पर्याप्त समय देकर समझने की कोशिश की? क्या आपने अपनी पसंद और सीमाओं से समझौता किया? ऐसे सवालों पर विचार करने से डेटिंग के अपने तरीके को बेहतर समझने में मदद मिल सकती है।