erer | Source: erपटना। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने लंबे समय से वांछित कुख्यात भू-माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार उर्फ संतोष डॉन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को राज्य में संगठित अपराध और अवैध भूमि कब्जे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना जिले के खुसरूपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

दो दर्जन से अधिक गंभीर मामलों का आरोपी

पुलिस के अनुसार संतोष डॉन के खिलाफ पटना, नालंदा तथा आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) में दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, रंगदारी, रंगदारी के लिए हत्या, अवैध जमीन कब्जा, भू-माफिया गतिविधियां और अन्य संगीन अपराध शामिल बताए गए हैं। लंबे समय से पुलिस और जांच एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं।

ईओयू की बड़ी कार्रवाई के बाद बढ़ी थी गिरफ्तारी की उम्मीद

इससे पहले जून 2026 में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने संतोष डॉन के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में उसके ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ की गई इस कार्रवाई ने इलाके में हलचल पैदा कर दी थी।

25 ठिकानों पर हुई थी एक साथ छापेमारी

ईओयू की टीम ने कार्रवाई के दौरान संतोष डॉन से जुड़े 25 अलग-अलग ठिकानों की जांच की थी। जांच के दौरान उसके पैतृक गांव रहुई प्रखंड के खिदरचक और पचासा सहित कई स्थानों पर मौजूद आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की गहन तलाशी ली गई थी। अधिकारियों ने विभिन्न दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े अभिलेखों की भी जांच की थी।

2015 से अपराध की दुनिया में सक्रिय होने का दावा

जानकारी के अनुसार संतोष डॉन वर्ष 2015 के आसपास अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ। इसके बाद उस पर लगातार जमीन से जुड़े विवादों और संगठित अपराध के मामलों में नाम सामने आता रहा। समय के साथ उसका प्रभाव पटना और नालंदा के कई इलाकों तक फैलने की बात भी सामने आती रही।

गरीब किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप

संतोष डॉन के खिलाफ गरीब किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी और निजी भूमि हड़पने तथा कारोबारियों से कथित रूप से रंगदारी वसूलने जैसे आरोपों में कई मामले दर्ज बताए जाते हैं। इसके अलावा लोगों को धमकाने और गोलीबारी की घटनाओं में भी उसका नाम सामने आने की बात पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मामलों के आधार पर कही जाती रही है।

कई थानों में दर्ज हैं आपराधिक मुकदमे

पुलिस के अनुसार संतोष डॉन के खिलाफ सबसे अधिक मामले पटना जिले के खुसरूपुर थाना क्षेत्र में दर्ज हैं। इसके अलावा फतुहा, नालंदा के भगवान बिगहा और सोहसराय थानों में भी उसके विरुद्ध विभिन्न मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला, रंगदारी और जमीन कब्जाने से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।

बेनामी संपत्तियों की भी हुई थी जांच

ईओयू की छापेमारी के दौरान खुसरूपुर के पचरुखिया, जगमालबीघा, सुकरबेगचक, मुस्तफापुर और चौड़ा सहित कई स्थानों पर कथित बेनामी संपत्तियों की भी जांच की गई थी। जांच एजेंसी ने उस समय चल और अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की जानकारी सामने आई थी।

रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति अर्जित करने के आरोप

जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आए कि संतोष डॉन ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की। इसके अलावा अपने गांव में कई मकानों पर कब्जा करने के आरोप भी उससे जुड़े मामलों में सामने आते रहे हैं। इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जाती रही है।

एसटीएफ की कार्रवाई को माना जा रहा अहम कदम

संतोष डॉन की गिरफ्तारी को बिहार पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। लंबे समय से विभिन्न मामलों में वांछित रहे इस आरोपी के खिलाफ पहले आर्थिक अपराध इकाई ने व्यापक जांच और छापेमारी की थी, जिसके बाद अब एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब दर्ज मामलों के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।