राहुल-अखिलेश की हिरासत के विरोध में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन। | Source: Chrome

राहुल-अखिलेश की हिरासत के विरोध में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन।Source : Chrome

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। लखनऊ सहित कई जिलों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कई जगह धरना-प्रदर्शन हुआ, नारेबाजी की गई और पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

लखनऊ में सपा और कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

राजधानी लखनऊ में सबसे बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विधान भवन और अटल चौक के आसपास विरोध जताया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में राजभवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक लिया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

करीब 300 प्रदर्शनकारी हिरासत में

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान लगभग 300 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई।

अमेठी, बाराबंकी और वाराणसी में भी विरोध

राजधानी के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदर्शन हुए। अमेठी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना दिया। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने अंबेडकर चौराहे पर विरोध प्रदर्शन कर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत का विरोध किया।बाराबंकी में भी सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रयागराज, वाराणसी और अन्य जिलों में भी दोनों दलों के समर्थक सड़कों पर उतरे और विरोध दर्ज कराया।

दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन

सपा और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका आरोप है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठ रही आवाज को दबाने के लिए विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।

दिल्ली में बातचीत बेनतीजा रही

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे धरने को समाप्त कराने के लिए सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन विपक्षी नेताओं से बातचीत करने पहुंचे थे। हालांकि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर धरना स्थल खाली कराया।

राजनीतिक माहौल और गरमाया

दिल्ली की कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। दोनों दलों ने छात्रों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे लोगों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।