Tejashwi yadav

Tejashwi yadav


पटना, 2 सितंबर। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा GDP के आंकड़ों को लेकर किए जा रहे दावों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति का आकलन केवल GDP के आंकड़ों से नहीं, बल्कि आम लोगों की जेब, रसोई और रोजमर्रा की जिंदगी से किया जाना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार जिस आर्थिक विकास को उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, उसका लाभ समाज के सभी वर्गों तक नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का फायदा बड़े वर्ग को मिल रहा है, जबकि आम लोगों को महंगाई, रोजगार और कर्ज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने RBI के डिविडेंड का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार ने अपने वित्तीय प्रबंधन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से बड़ी राशि ली है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार को GDP ग्रोथ का जश्न मनाने के साथ रुपये की गिरती कीमत, महंगाई, रोजगार और घरेलू कर्ज जैसे मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए।

राजद नेता ने बेरोजगारी को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना समय लगा रहे हैं, जबकि रोजगार के अवसरों को लेकर स्थिति चिंताजनक है। छोटे कारोबारियों और आम परिवारों पर बढ़ते आर्थिक दबाव का भी उन्होंने जिक्र किया।

तेजस्वी यादव ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि NDA सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में स्कूल बंद हुए हैं और कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है तो शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आम लोगों को उसका सीधा लाभ क्यों नहीं दिखाई दे रहा।

उन्होंने केंद्र की मुफ्त खाद्यान्न योजना को लेकर भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि करोड़ों लोगों को अनाज उपलब्ध कराना सरकार की जरूरत और जिम्मेदारी है, लेकिन इसे आर्थिक उपलब्धि के तौर पर पेश करने के बजाय गरीबी और रोजगार की वास्तविक स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

तेजस्वी ने भारत की प्रति व्यक्ति आय की तुलना पड़ोसी देशों से करते हुए भी केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से GDP के आंकड़ों के साथ आम लोगों की आय, रोजगार, महंगाई और जीवन-यापन की स्थिति पर भी जवाब देने की मांग की।