पटना। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार की नदियों में पहुंच रही कुछ असामान्य और बड़ी मछलियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। नदियों के रास्ते बिहार पहुंची इन मछलियों के आकार और रूप को देखकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में चर्चा तेज हो गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार ने लोगों से फिलहाल कुछ दिनों तक मछली खाने से परहेज करने अथवा बेहद सावधानी बरतने की अपील की है। सरकार का कहना है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और जांच पूरी होने तक लोगों को एहतियात बरतना चाहिए।
असामान्य मछलियों ने बढ़ाई चिंता
नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा है। इसी दौरान पानी के तेज बहाव के साथ कुछ ऐसी मछलियां बिहार की नदियों तक पहुंची हैं, जिन्हें स्थानीय लोग सामान्य तौर पर यहां नहीं देखते हैं। इन मछलियों के आकार और बाहरी रूप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिहार के मंत्री नंदकिशोर राम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक कुछ दिनों के लिए मछली का सेवन रोक देना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि विभाग इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मंत्री बोले- ऐसी मछली पहले नहीं देखी
मंत्री ने बताया कि इस बार सामने आई कुछ मछलियां सामान्य स्थानीय मछलियों से काफी अलग दिखाई दे रही हैं। उन्होंने एक मछली का उदाहरण देते हुए उसके रंग की तुलना हाथी की चमड़ी से की। असामान्य रंग-रूप और आकार के कारण इन मछलियों को लेकर लोगों के बीच भी आशंका पैदा हुई है।
सरकार की ओर से फिलहाल इसे एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि ये मछलियां किस प्रजाति की हैं और बाढ़ के पानी के साथ बिहार की नदियों में कैसे पहुंची हैं।
मछली खाने के बाद हो सकती है ये परेशानी?
मंत्री ने संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। उनके मुताबिक, यदि ऐसी मछलियों के सेवन के बाद किसी व्यक्ति को चक्कर, उल्टी, पेट दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत होती है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हालांकि, इन लक्षणों को इन मछलियों के सेवन से निश्चित रूप से जोड़ने से पहले वैज्ञानिक और विभागीय जांच जरूरी है। सरकार ने भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जांच के बाद लिया जा सकता है बड़ा फैसला
सरकार के मुताबिक संबंधित विभाग पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है। यदि जांच में इन मछलियों के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी खतरे की पुष्टि होती है तो इनके सेवन पर व्यापक स्तर पर रोक लगाने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल लोगों को नदियों से पकड़ी गई ऐसी मछलियों को खरीदने या खाने से बचने की सलाह दी जा रही है, जिनका रूप सामान्य स्थानीय मछलियों से अलग है। खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
बिहार में बाढ़ के हालात पर भी नजर
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ का असर बिहार की सीमावर्ती नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। चंपारण समेत कई क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मंत्री ने बताया कि कुछ स्थानों पर जलस्तर बढ़ा है, हालांकि बीच में कई जगहों पर इसमें कमी भी दर्ज की गई।
सरकार का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी रखी गई है।
निचले इलाकों के लोगों से खास अपील
मंत्री ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है तो वे खतरा बढ़ने का इंतजार न करें। लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है।
सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। फिलहाल असामान्य मछलियों को लेकर भी विभागीय जांच जारी है और लोगों से अपील की गई है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा करने के बजाय सावधानी बरतें।
