erere | Source: erererनई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन से बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली और श्रृंखला अपने नाम कर ली। यह सफलता कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी बेहद खास रही, क्योंकि बतौर कप्तान यह उनकी पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला जीत है।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत ने बदली तस्वीर

भारतीय टीम पिछले कुछ समय से टी20 क्रिकेट में कठिन दौर से गुजर रही थी। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से श्रृंखला गंवाने के बाद टीम लगातार छह मैच हार चुकी थी। ऐसे समय में जिम्बाब्वे दौरे पर मिली लगातार दो जीत ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास लौटाने का काम किया।

श्रेयस अय्यर ने अपने कप्तानी करियर में आठवें प्रयास में पहली जीत हासिल की थी और अब उसी दौरे पर पहली टी20 श्रृंखला जीतकर उन्होंने नया अध्याय जोड़ दिया। पहले मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराया था, जबकि दूसरे मैच में 90 रन की बड़ी जीत दर्ज कर श्रृंखला अपने नाम कर ली।

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने खड़ा किया विशाल स्कोर

टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 219 रन का मजबूत स्कोर बनाया। हालांकि भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और टीम ने मात्र 29 रन के भीतर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए।

शुरुआती झटकों के बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला। इसके बाद ईशान किशन और तिलक वर्मा ने चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़कर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर पूरी तरह दबाव बना दिया।

ईशान किशन ने खेली मैच जिताऊ पारी

ईशान किशन ने जिम्मेदारी और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद केवल 13 गेंदों में 31 रन जोड़कर भारतीय पारी को तेज गति प्रदान की।

ईशान की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत लेग साइड में लगाए गए उनके दमदार शॉट रहे। उन्होंने ऑफ स्पिनर ब्रायन बेनेट की गेंदों पर मिडविकेट क्षेत्र में लगातार चौके लगाए, जबकि तेज गेंदबाज ब्रैड इवांस के एक ओवर में दो चौके और एक शानदार छक्का जड़कर भारतीय पारी को नई रफ्तार दी।

उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

तिलक वर्मा ने भी दिखाई विस्फोटक बल्लेबाजी

दूसरे छोर पर तिलक वर्मा ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए अपनी स्ट्राइक रेट को लेकर उठ रहे सवालों का जोरदार जवाब दिया। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और लगातार बड़े शॉट लगाकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

तिलक ने ब्लेसिंग मुजरबानी के एक ओवर में लगातार तीन चौके लगाए, जबकि ब्रैड इवांस की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर शानदार छक्का भी जड़ा। भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम पांच ओवरों में 61 रन जोड़कर टीम को 219 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि शुरुआती विकेट अभिषेक शर्मा (8) और वैभव सूर्यवंशी (20) के रूप में गिरे।

219 रन के जवाब में जिम्बाब्वे की टीम बिखर गई

220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत आक्रामक रही। ब्रायन बेनेट ने केवल 19 गेंदों में 32 रन बनाकर तेज शुरुआत दिलाई और पदार्पण कर रहे भारतीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर के खिलाफ चौका और छक्का भी लगाया।

हालांकि उनकी तेज पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी। अगला बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच आउट हो गए। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली।

नौ ओवर के भीतर जिम्बाब्वे ने अपने पांच प्रमुख बल्लेबाज गंवा दिए और इसके बाद टीम वापसी नहीं कर सकी। रेयन बर्ल ने 20 रन और तादिवानाशे मारुमनी ने 24 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना पाया। पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई।

भारतीय गेंदबाजों का रहा दबदबा

भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच में अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। अभिषेक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए।

पदार्पण कर रहे यश ठाकुर ने 30 रन देकर दो विकेट हासिल किए, जबकि प्रिंस यादव ने भी केवल 10 रन देकर दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इसके अलावा तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने एक-एक विकेट लेकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

श्रृंखला जीत के साथ बढ़ा भारतीय टीम का आत्मविश्वास

लगातार हार के दौर से गुजर रही भारतीय टीम के लिए यह श्रृंखला जीत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में मिली लगातार दो जीत ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है और आगामी चुनौतियों के लिए टीम का आत्मविश्वास मजबूत किया है।