Chitranjan Gagan

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पटना, 2 सितंबर। बिहार में लाइब्रेरियन की बहाली को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। राजद के निवर्तमान प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने लाइब्रेरियन नियुक्ति के लिए ‘लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा’ का नया नियम लागू किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे बहाली को लंबा खींचने की कोशिश बताया है।

गगन ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6,500 पदों पर लाइब्रेरियन की बहाली का वादा किया था। उनके मुताबिक वास्तविक रिक्तियों की संख्या इससे भी अधिक है। उन्होंने कहा कि 2008 के बाद से लाइब्रेरियन की नियमित बहाली नहीं हुई, जबकि माध्यमिक विद्यालयों में लाइब्रेरियन का होना जरूरी है।

राजद नेता के अनुसार 2008 में लाइब्रेरियन की नियुक्ति सीधी मेरिट के आधार पर की गई थी और उस समय अलग से लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा का प्रावधान नहीं था। अभ्यर्थियों से लाइब्रेरी साइंस में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, जैसे B.Lib या C.Lib, के आधार पर आवेदन लिए गए थे और तय मानकों के अनुसार मेधा सूची तैयार कर नियुक्तियां की गई थीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार पात्रता परीक्षा का नया प्रावधान केवल बहाली को टालने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अभ्यर्थियों के आक्रोश को शांत करने के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का दिखावा कर रही है।

गगन ने सरकार से मांग की कि यदि वास्तव में लाइब्रेरियन की नियुक्ति करने की मंशा है तो 2008 में अपनाए गए नियमों के आधार पर ही नया नोटिफिकेशन जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय से बहाली का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और विद्यालयों में खाली पदों को भी भरा जा सकेगा।