पटना नगर निगम

पटना नगर निगम


पटना। मानसून के रेड अलर्ट और गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच पटना नगर निगम ने जलजमाव और जलनिकासी को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के दौरान निगम की टीमें मैदान में सक्रिय रहीं। निगम के अनुसार, बारिश रुकने के करीब एक घंटे के भीतर शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों से जलजमाव हटा दिया गया।

खेतान मार्केट, राजेंद्र नगर, पाटलिपुत्र, गांधी मैदान, सिटी चौक, करबिगहिया और चिरैयाटांड़ पुल समेत कई प्रमुख स्थानों पर तत्काल जलनिकासी की गई। इस बीच गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर निगम संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।

इसी क्रम में नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने निगम अधिकारियों के साथ शनिवार को कुर्जी, गोसाईं टोला, 83 नंबर गेट, सैदपुर संप, कृष्णा घाट, योगीपुर संप, एनबीसीसी संप, करबिगहिया, एयरपोर्ट रोड, खनुआ नाला और प्रेमकुंज डीपीएस सहित विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर जलनिकासी की व्यवस्था, पंपिंग सिस्टम और गंगा के बढ़ते जलस्तर से पैदा होने वाली संभावित चुनौतियों की समीक्षा की।


संवेदनशील स्थानों पर पंप रहेंगे तैयार

नगर आयुक्त ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को पहले से चिन्हित संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पंप सेट स्टैंडबाय रखने का निर्देश दिया। उनका जोर इस बात पर रहा कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद यदि दोबारा तेज बारिश होती है तो जलनिकासी में देरी न हो और जरूरत पड़ते ही पंप शुरू किए जा सकें। अधिकारियों को जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी तथा फील्ड टीमों को सक्रिय रखने को भी कहा गया है।


सीपेज रोकने के लिए सैंड बैग की व्यवस्था

गंगा के बढ़े जलस्तर से नदी किनारे के इलाकों में सीपेज की आशंका को देखते हुए नगर आयुक्त ने जल संसाधन विभाग के साथ लगातार समन्वय रखने का निर्देश दिया। जरूरत वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सैंड बैग उपलब्ध कराने और उन्हें रणनीतिक स्थानों पर लगाने को कहा गया है, ताकि नदी के पानी की सीपेज को नियंत्रित किया जा सके।


स्लुईस गेट बंद, नालों को किया ब्लॉक

शहर में गंगा का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी स्लुईस गेट बंद किए गए हैं। नगर निगम ने भी गंगा से जुड़े नालों को ब्लॉक किया है। हालांकि, गंगा का जलस्तर बढ़ने से कुछ संवेदनशील स्थानों पर सीपेज की स्थिति बन रही है। ऐसे स्थानों पर निगम की टीमें लगातार नजर रख रही हैं और जरूरत के अनुसार सैंड बैग लगाकर सीपेज को नियंत्रित करने के उपाय किए जा रहे हैं।

रेड अलर्ट की अवधि में नगर निगम की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेंगी। जलनिकासी के लिए पंप, मानव संसाधन और जरूरी उपकरण तैयार रखे गए हैं। निगम का फोकस भारी बारिश या गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में संवेदनशील क्षेत्रों से तेजी से पानी निकालने, लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने पर है।