पंजाब कांग्रेस में नई नियुक्तियों के बाद चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक की तैयारी। | Source: Social media

पंजाब कांग्रेस में नई नियुक्तियों के बाद चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक की तैयारी।Source : Social media

पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बरकरार रखने का फैसला किया है, लेकिन इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। इसी बीच चन्नी ने अपने आवास पर समर्थकों की बैठक बुला ली है, जिससे पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा अपने पद पर कायम

कांग्रेस नेतृत्व ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में कई अहम नियुक्तियों का ऐलान किया है। पार्टी ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को विधायक दल के नेता के रूप में बरकरार रखा है। लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन पार्टी ने फिलहाल पुराने नेतृत्व पर ही भरोसा जताया है।

चरणजीत सिंह चन्नी ने बुलाई समर्थकों की बैठक

इन नियुक्तियों के दो दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को अपने आवास पर समर्थकों की बैठक बुलाने का फैसला किया है। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं मिलने से चन्नी संतुष्ट नहीं हैं, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर कोई बयान नहीं दिया है।

नई जिम्मेदारी मिलने पर भी नहीं आई प्रतिक्रिया

पार्टी ने चन्नी को चुनाव अभियान समिति (Campaign Committee) का अध्यक्ष बनाया है, लेकिन नियुक्ति के बाद उन्होंने न तो सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी और न ही पार्टी नेतृत्व का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद किया। आमतौर पर नई जिम्मेदारी मिलने पर नेता हाईकमान का आभार जताते हैं, लेकिन इस बार चन्नी की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है।

कांग्रेस ने कई नेताओं को दी अहम जिम्मेदारियां

संगठन में बदलाव के तहत सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांसद अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि इन समितियों के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत किया जाएगा।

बैठक पर टिकी राजनीतिक नजरें

अब सभी की नजर चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से फिलहाल किसी तरह के मतभेद से इनकार किया गया है।