राहुल गांधी के प्रदर्शन पर बयान देते केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह। | Source: Chrome

राहुल गांधी के प्रदर्शन पर बयान देते केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह।Source : Chrome

प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर सियासत लगातार गरमाई हुई है। कांग्रेस और विपक्षी दल जहां छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं भाजपा ने इस प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी पर गिरिराज सिंह का बड़ा हमला

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन पर राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई कानून अपने हाथ में ले ले। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदर्शन से संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है।

'देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए'

गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास के आसपास कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो इसका असर पूरे देश की छवि पर पड़ता। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और कानून का सम्मान भी उतना ही जरूरी है।

'विदेशी तरीकों की नकल' का लगाया आरोप

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी दूसरे देशों में अपनाए जाने वाले विरोध के तरीकों की नकल कर भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने के तय नियम हैं और उनका पालन किया जाना चाहिए।

कन्हैया कुमार ने सरकार पर साधा निशाना

दूसरी ओर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही और न्याय की मांग करने वाले युवाओं के साथ सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के छात्र रोजगार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

रोहिणी आचार्य ने भी जताई नाराजगी

राजद नेता रोहिणी आचार्य ने भी विपक्षी नेताओं के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सांसदों और नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब देने की मांग की।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। एक ओर भाजपा इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मामला बता रही है, जबकि विपक्ष छात्रों के मुद्दे और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।