erer | Source: ererनई दिल्ली। NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार अब कानून को और अधिक कठोर बनाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिए जाने के बाद सरकार 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक और परीक्षा धांधली में शामिल आरोपियों के लिए सजा और आर्थिक दंड दोनों को पहले की तुलना में काफी अधिक कड़ा किया जा सकता है।

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कानून को और कठोर बनाने की तैयारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार मौजूदा कानून में संशोधन कर पेपर लीक और संगठित परीक्षा धांधली पर पहले से अधिक कठोर प्रावधान लागू करने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय पर चर्चा और संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना जताई गई है। इसके बाद संबंधित विधेयक संसद में प्रस्तुत किया जा सकता है।

10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक कराने या परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली करने वाले आरोपियों को कम से कम 5 वर्ष से लेकर अधिकतम 10 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा देने का प्रावधान किया जा सकता है।

इसके साथ ही ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों, संस्थानों या संगठनों पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है। वर्तमान में लागू कानून के तहत ऐसे मामलों में 3 से 5 वर्ष तक की जेल और अधिकतम 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

गैर-जमानती होंगे सभी मामले

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संशोधित कानून के तहत पेपर लीक और संगठित परीक्षा धांधली से जुड़े सभी मामले गैर-जमानती श्रेणी में रखे जा सकते हैं। इसका अर्थ यह होगा कि आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी और जांच एजेंसियों को कार्रवाई के लिए अधिक कानूनी मजबूती मिलेगी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट से होगी त्वरित सुनवाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। इन अदालतों का उद्देश्य वर्षों तक मामलों के लंबित रहने की स्थिति समाप्त कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी करना और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना है।

इसी क्रम में दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक और परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार यह अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर से संचालित होगी और विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा इसकी अध्यक्षता करेंगी। अब परीक्षा संबंधी धांधली और पेपर लीक के सभी मामले इसी विशेष अदालत में भेजे जाएंगे।

संसद में जल्द पेश हो सकता है नया विधेयक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि अगले सप्ताह संसद में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कठोर प्रावधानों वाला एक विधेयक पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी और मंत्रिपरिषद के सुझावों के आधार पर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में यह विधेयक सदन में लाया जाएगा और सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई छोटी समस्या नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि NEET प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मामले में दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक वर्ष बर्बाद न हो। इसी उद्देश्य से सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए 22 लाख विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, कड़ी सजा भी होगी सुनिश्चित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि कानून को और अधिक प्रभावी बनाकर भविष्य में किसी भी परीक्षा में पेपर लीक या संगठित धांधली की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।