ewrere | Source: ererनई दिल्ली। भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला के बाद भारतीय टीम के चयन को लेकर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता रोहित शर्मा या विराट कोहली की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को पर्याप्त अवसर नहीं मिलना है। युवराज का मानना है कि यदि यशस्वी भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हैं, तो आगामी आईसीसी पुरुष एकदिवसीय विश्व कप से पहले उन्हें लगातार मैच खेलने का अवसर मिलना चाहिए।

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में नहीं मिला मौका

भारत को इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। इस श्रृंखला के दौरान यशस्वी जायसवाल को एक भी मैच की अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद टीम चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई और इसी विषय पर युवराज सिंह ने अपनी राय रखी।

उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम में शामिल होकर भी लगातार बाहर बैठना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। यदि किसी खिलाड़ी को भविष्य की योजनाओं में रखा गया है, तो उसे नियमित रूप से खेलने का अवसर मिलना चाहिए।

युवराज बोले- सबसे ज्यादा चिंता यशस्वी की है

युवराज सिंह ने कहा कि उनकी चिंता रोहित शर्मा और विराट कोहली से अधिक यशस्वी जायसवाल को लेकर है। उन्होंने कहा कि यशस्वी ने अपने पिछले चार एकदिवसीय मुकाबलों में दो शतक लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार अवसर नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि विश्व कप के समय अचानक यशस्वी को टीम में शामिल करना पड़ा और उनके पास पर्याप्त मैच अभ्यास नहीं होगा, तो उन पर अनावश्यक दबाव आ सकता है। ऐसे में टीम प्रबंधन को अभी से उन्हें अधिक मुकाबले खिलाने चाहिए।

2019 विश्व कप का दिया उदाहरण

युवराज सिंह ने वर्ष 2019 के विश्व कप से पहले के अपने अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट से पहले कठिन चयन निर्णय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा होते हैं, लेकिन टीम को अपने वैकल्पिक खिलाड़ियों को भी पूरी तरह तैयार रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 2019 विश्व कप के दौरान चोटों के कारण टीम को अंतिम समय में बदलाव करने पड़े थे और कुछ युवा खिलाड़ियों को पर्याप्त अनुभव के बिना सबसे बड़े मंच पर उतरना पड़ा था। उनके अनुसार भारत को भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए।

चोट की स्थिति में तैयार रहने की सलाह

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि किसी भी समय चोट या अन्य कारणों से टीम संयोजन बदल सकता है। ऐसे में यदि रिजर्व खिलाड़ी नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलेंगे तो अचानक उन्हें बड़ी जिम्मेदारी निभाना कठिन हो सकता है।

उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन को ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी संभावित खिलाड़ियों को समय-समय पर अवसर देना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर सकें।

वनडे में शानदार रहा है यशस्वी का प्रदर्शन

यशस्वी जायसवाल ने अब तक भारत के लिए छह एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 71 की प्रभावशाली औसत से 285 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक भी निकले हैं।

हालांकि, अच्छे प्रदर्शन के बावजूद वह लगातार वनडे टीम में अंदर-बाहर होते रहे हैं। इसी कारण युवराज सिंह ने उनके लिए नियमित अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा ध्यान

आगामी आईसीसी पुरुष एकदिवसीय विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम अपने संयोजन को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को भी पर्याप्त अवसर देना टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवराज सिंह का मानना है कि मजबूत बेंच स्ट्रेंथ ही बड़े टूर्नामेंट में टीम की सफलता की कुंजी बन सकती है।