erer | Source: ereनई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) का बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं, बढ़ती जागरूकता और ईंधन की लागत में वृद्धि के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। अब ईवी केवल परिवहन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। यदि आपके पास इलेक्ट्रिक वाहन है या आप इस क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं, तो इससे कई तरह के व्यवसाय शुरू कर नियमित आय अर्जित की जा सकती है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री लगभग 23 लाख यूनिट तक पहुंच गई। वहीं नए वाहन पंजीकरण में ईवी की हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़ा सेवा क्षेत्र और उससे जुड़े कारोबार तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स में बढ़ रहे अवसर

ऑनलाइन खरीदारी और स्थानीय डिलीवरी सेवाओं के विस्तार के साथ छोटे कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी बढ़ रही है। Porter जैसे प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और छोटे ईवी कमर्शियल वाहन चलाकर आय अर्जित की जा सकती है। इसके अलावा Amazon, Flipkart, Blinkit, Swiggy और Zomato जैसी कंपनियों के लिए भी डिलीवरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

यदि वाहन चालक प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक काम करता है, तो शहर, रूट और काम की उपलब्धता के आधार पर प्रतिदिन लगभग 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक की सकल कमाई संभव हो सकती है। वास्तविक आय विभिन्न परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

ई-रिक्शा बन सकता है नियमित आय का साधन

छोटे शहरों और कस्बों में ई-रिक्शा कम लागत में कमाई का प्रभावी माध्यम बन सकता है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, कॉलोनी, स्कूल रूट और व्यावसायिक क्षेत्रों में ई-रिक्शा की मांग लगातार बनी रहती है। सही समय और उपयुक्त रूट का चयन कर नियमित आय अर्जित की जा सकती है।

यदि स्वयं वाहन नहीं चलाना चाहते, तो ई-रिक्शा को किराए पर देकर या चालक नियुक्त कर भी आय प्राप्त की जा सकती है। इससे निवेश पर नियमित रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।

स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज के कारोबार में बढ़ती संभावनाएं

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ उनके स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज की मांग भी लगातार बढ़ रही है। हेलमेट, चार्जर, बैटरी, टायर, सीट कवर, मोबाइल होल्डर और ईवी लाइट्स जैसे उत्पादों का कारोबार शुरू किया जा सकता है। यह क्षेत्र कम निवेश के साथ भी अच्छा व्यावसायिक अवसर प्रदान कर सकता है।

ईवी चार्जिंग स्टेशन खोलकर बढ़ा सकते हैं आय के स्रोत

जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बाजार, मॉल, कार्यालय, हाईवे, पार्किंग स्थल और पेट्रोल पंप जैसी जगहों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर आय अर्जित की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल होगा। कई शहरों में नए चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी बन सकते हैं मुनाफे का विकल्प

ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक स्कूटर और डिलीवरी वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस व्यवस्था में ग्राहक अपनी डिस्चार्ज बैटरी जमा कर तुरंत चार्ज की हुई बैटरी प्राप्त कर सकता है, जिससे समय की बचत होती है।

बैटरी स्वैपिंग स्टेशन संचालित करने वालों के लिए सदस्यता आधारित या सेवा शुल्क मॉडल के माध्यम से नियमित आय अर्जित करने का अवसर उपलब्ध हो सकता है। बढ़ते ईवी उपयोग के साथ इस क्षेत्र में भी भविष्य की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

भविष्य में सेवा आधारित कारोबार पर रहेगा अधिक फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल उद्योग में केवल वाहन बिक्री ही नहीं, बल्कि चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी प्रबंधन, सर्विसिंग, स्पेयर पार्ट्स, डिलीवरी सेवाएं और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से अवसर विकसित होंगे। यही कारण है कि इस सेक्टर को भविष्य के सबसे संभावनाशील रोजगार और व्यवसाय क्षेत्रों में गिना जा रहा है।