tनई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से बातचीत के नए प्रस्ताव पर समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि सभी प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी में खुले मंच पर होनी चाहिए।


‘पहले भी घंटों इंतजार कराया गया’

इकरा हसन ने दावा किया कि 20 जुलाई को आंदोलन के प्रतिनिधि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने गए थे, लेकिन उन्हें कई घंटों तक इंतजार कराया गया। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन उन्हें न कोई स्पष्ट आश्वासन मिला और न ही कोई ठोस जवाब।


‘फैसला सभी प्रदर्शनकारियों के सामने होना चाहिए’

सपा सांसद ने कहा कि किसी भी आंदोलन में बातचीत और निर्णय की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, यदि कोई समझौता या फैसला होता है तो वह सभी प्रदर्शनकारियों के सामने होना चाहिए, न कि केवल कुछ लोगों के साथ बंद कमरे में बातचीत कर।

chromeSource : t


सरकार पर लगाया टालमटोल का आरोप

इकरा हसन ने संसद के मानसून सत्र और आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को विपक्ष और छात्रों से संवाद करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर मुद्दे सामने आए हैं, तो सरकार संबंधित मामलों में आवश्यक कदम उठाने से क्यों पीछे हट रही है।


जेपी नड्डा की भूमिका पर भी उठाए सवाल

सपा सांसद ने यह भी कहा कि इस मामले में बातचीत के लिए जेपी नड्डा को आगे किए जाने पर सवाल उठते हैं। उनका कहना था कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर संबंधित मंत्रालय की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होनी चाहिए।


सोनम वांगचुक का भी किया जिक्र

इकरा हसन ने अपने बयान में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।


नोट: इकरा हसन की ये टिप्पणियां उनके सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया इस खबर के लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी।