पटना। जन सुराज के सूत्रधार और विधायक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को छात्र आंदोलन, परीक्षा व्यवस्था और सरकार की 11 सैटेलाइट सिटी योजना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। बीपी मंडल की 108वीं जयंती पर दरोगा प्रसाद राय पथ स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान पर भी तंज कसा।


बीपी मंडल की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

इससे पहले जन सुराज की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की 108वीं जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशांत किशोर ने बीपी मंडल के सामाजिक न्याय के विचारों और योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


तेजस्वी के साथ सम्राट चौधरी को भी 10वीं की परीक्षा देने की सलाह

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि तेजस्वी यादव को 10वीं की परीक्षा पास करने की सलाह दी जा रही है तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उनके साथ 10वीं की परीक्षा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग यह देखना चाहते हैं कि राज्य के दोनों प्रमुख नेता मैट्रिक की परीक्षा अपने दम पर पास कर सकते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं की ओर से वह दोनों नेताओं से अगली बार 10वीं की परीक्षा देने का आग्रह करेंगे।


छात्रों के आंदोलन को बताया लोकतंत्र की ताकत

पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से देशभर में युवाओं के आंदोलनों का असर दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक बिहार में पिछले तीन-चार वर्षों में जब भी कोई प्रदर्शन हुआ, उस पर लाठीचार्ज की स्थिति बनी, लेकिन अब कम से कम सरकार और प्रशासन को कार्रवाई करने से पहले दो बार सोचना पड़ रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि छात्रों की जो जायज मांगें हैं, सरकार को उन्हें मानना चाहिए। चाहे मामला TRE का हो या छात्रों से जुड़े दूसरे मुद्दों का, सरकार उन्हें दबा नहीं सकती। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं को अलग-अलग घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।


पेपर लीक, कोचिंग का व्यवसायीकरण और बेरोजगारी पर चिंता

प्रशांत किशोर ने देश की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते निजीकरण और कोचिंग संस्थानों के व्यवसायीकरण को भी युवाओं की नाराजगी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के निजीकरण और कोचिंग के व्यवसायीकरण के साथ पेपर लीक की घटनाएं और बड़े पैमाने पर बेरोजगारी जुड़ने से युवाओं का एक बड़ा वर्ग मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में सड़कों पर छात्रों के और आंदोलन देखने को मिल सकते हैं।


11 सैटेलाइट सिटी योजना पर किसानों की जमीन को लेकर सवाल

प्रशांत किशोर ने सरकार की 11 सैटेलाइट सिटी बनाने की योजना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए बिहार के मध्यम किसानों की जमीन को कम कीमत पर लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में जमीन लिए जाने के बाद एक साल तक उस पर काम या खरीद-बिक्री नहीं हो सकेगी, जिससे किसानों में असंतोष है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार जिस दिन से यह कानून लेकर आई है, उसी समय से जन सुराज इसका विरोध कर रहा है। उनका कहना था कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण बिहार में व्यावहारिक नहीं है।


सरकार के पास वेतन देने का पैसा नहीं तो हजारों एकड़ जमीन कैसे खरीदेगी?

प्रशांत किशोर ने सरकार की आर्थिक क्षमता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है तो वह 11 बड़े शहरों के आसपास हजारों एकड़ महंगी जमीन का अधिग्रहण कैसे करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जमीन अधिग्रहित करती है तो किसानों और अन्य भूमिधारकों को उचित मुआवजा देना होगा।

उन्होंने सरकार की उस सोच पर भी सवाल उठाया जिसमें जमीन के पुनर्विकास के बाद उसे वापस देने की बात कही जा रही है। प्रशांत किशोर के मुताबिक पुनर्विकास के बाद जमीन की कीमत बढ़ जाएगी और ऐसे में किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आने वाले समय में बड़े स्तर

पर आंदोलन की स्थिति बन सकती है।