केरल की राजनीति में एक दशक (10 साल) बाद बड़ा बदलाव हुआ है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. डी. सतीशन (V.D. Satheesan) ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित देश भर के कई बड़े नेता और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में शामिल हुए।

हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही राज्य में पिछले 10 सालों से चल रहे वामपंथी (LDF) शासन का अंत हो गया है।

मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बताया कि केरल के राजनीतिक इतिहास में लगभग 60 साल बाद ऐसा हो रहा है, जब पूरी कैबिनेट एक साथ शपथ ले रही है। सतीशन के साथ 20 मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली। इस नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का खास ख्याल रखा गया है

शपथ ग्रहण से पहले मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने इस जीत को कार्यकर्ताओं की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा:

"यह सरकार 'नव केरल' के विजन पर काम करेगी। हम राज्य में एक नए युग (puthu yugam) की शुरुआत करने जा रहे हैं, जहां शासन पारदर्शी होगा और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। हम विपक्ष और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलेंगे।"

इस समारोह में न केवल कांग्रेस और यूडीएफ के शीर्ष नेता शामिल हुए, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए निवर्तमान मुख्यमंत्री और अब विपक्ष के नए नेता पिनाराई विजयन, वामपंथी दलों के नेता और भाजपा के प्रतिनिधि भी स्टेडियम में मौजूद रहे। इस दौरान पूरे मैदान में हजारों यूडीएफ कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था।