erer | Source: ererनई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी में तेजी से पैसा बनाने की उम्मीद रखने वाले भारतीय निवेशकों के लिए Edelweiss Mutual Fund की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता की सलाह बेहद अहम है। ‘इंडिया टुडे वुमन समिट 2026’ के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या लोगों को अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना चाहिए, तो उन्होंने बेहद सीधे शब्दों में जवाब दिया- “क्रिप्टो न खरीदें।”

राधिका गुप्ता की सबसे बड़ी चिंता आखिर क्या है?

राधिका गुप्ता ने यह स्पष्ट किया कि उन्हें वैश्विक स्तर पर एक एसेट क्लास के रूप में क्रिप्टोकरेंसी से आपत्ति नहीं है। उनकी चिंता मुख्य रूप से भारत में क्रिप्टो निवेश से जुड़े नियामकीय ढांचे, कर व्यवस्था और निवेशक सुरक्षा को लेकर है। उनका कहना है कि किसी भी निवेश में पैसा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि उस निवेश में जोखिम कितना है और परेशानी आने पर निवेशक के पास क्या सुरक्षा या कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं।

उन्होंने भारत और अमेरिका के नियामकीय माहौल के बीच अंतर का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, अगर वह अमेरिका के किसी मंच पर इसी सवाल का जवाब दे रही होतीं, तो उनका जवाब अलग हो सकता था, क्योंकि वहां क्रिप्टो से जुड़े निवेश के लिए नियामकीय व्यवस्था भारत से अलग है।

‘जिसे समझते नहीं, उसमें पैसा लगाने की गलती न करें’

राधिका गुप्ता ने निवेशकों को एक अहम सिद्धांत समझाते हुए कहा कि केवल किसी दूसरे व्यक्ति को कमाई करते देखकर किसी निवेश उत्पाद में पैसा नहीं लगाना चाहिए। निवेशक को पहले यह समझना चाहिए कि वह जिस एसेट में पैसा लगा रहा है, उसमें जोखिम क्या है और बाजार में गिरावट आने पर कितना नुकसान हो सकता है।

उनकी सलाह का मूल संदेश यही है कि निवेश का फैसला लोकप्रियता या दूसरों की कमाई देखकर नहीं, बल्कि अपनी समझ, जोखिम क्षमता और वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

क्रिप्टो पर चेतावनी का मतलब यह नहीं कि हर निवेश नुकसान देगा

राधिका गुप्ता की बात को इस रूप में नहीं देखा जाना चाहिए कि क्रिप्टोकरेंसी में किया गया प्रत्येक निवेश निश्चित रूप से नुकसान देगा। उन्होंने मुख्य रूप से निवेशकों को जोखिम और सुरक्षा के पहलुओं को समझने की सलाह दी है।

क्रिप्टो जैसे जोखिम वाले एसेट में पैसा लगाने से पहले निवेशक को इससे जुड़े नियमों, कर संबंधी दायित्वों, बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशक सुरक्षा के विकल्पों की जानकारी होनी चाहिए। बिना समझे सिर्फ दूसरों के अनुभव या मुनाफे को देखकर निवेश करना जोखिम बढ़ा सकता है।

सफल निवेश के लिए ‘भारतीय थाली’ जैसा होना चाहिए पोर्टफोलियो

राधिका गुप्ता ने निवेश पोर्टफोलियो को समझाने के लिए भारतीय थाली का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि एक संतुलित पोर्टफोलियो में अलग-अलग प्रकार के निवेश साधनों का उचित मिश्रण होना चाहिए।

उन्होंने इक्विटी, डेट और गोल्ड जैसे अलग-अलग विकल्पों को पोर्टफोलियो में शामिल करने की बात कही। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने समझाया कि निवेश को किसी एक एसेट पर निर्भर बनाने के बजाय विविधता और संतुलन पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

म्यूचुअल फंड को बताया ‘फाइनेंशियल फूड कोर्ट’

राधिका गुप्ता ने म्यूचुअल फंड को समझाने के लिए ‘फाइनेंशियल फूड कोर्ट’ का उदाहरण भी दिया। उनका कहना है कि जिस तरह फूड कोर्ट में अलग-अलग जरूरत और पसंद के अनुसार विकल्प चुने जा सकते हैं, उसी तरह म्यूचुअल फंड के क्षेत्र में भी निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय जरूरत के हिसाब से विकल्पों का चयन कर सकता है।

इस दृष्टिकोण में निवेशक का ध्यान किसी एक तेजी से लोकप्रिय हो रहे एसेट के पीछे भागने के बजाय अपने पूरे पोर्टफोलियो को संतुलित रखने पर रहता है।

क्रिप्टो में निवेश से पहले इन बातों को समझना जरूरी

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर राधिका गुप्ता की सलाह का केंद्र निवेशक की जागरूकता है। किसी भी डिजिटल एसेट में पैसा लगाने से पहले उसके जोखिम को समझना जरूरी है। इसके साथ ही निवेशक को यह भी पता होना चाहिए कि संबंधित निवेश पर किस तरह के कर नियम लागू होते हैं और नियामकीय स्तर पर उसकी स्थिति क्या है।

अगर निवेश में कोई समस्या आती है तो निवेशक के पास शिकायत या राहत पाने के लिए कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं, इसकी जानकारी भी महत्वपूर्ण है। केवल संभावित मुनाफे को देखकर निवेश करने के बजाय इन पहलुओं को समझना ज्यादा जरूरी है।

दूसरों की कमाई देखकर निवेश करने से बचने की सलाह

क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे तेजी से लोकप्रिय होने वाले निवेश साधनों में अक्सर निवेशक बाजार में किसी व्यक्ति की कमाई देखकर आकर्षित होते हैं। राधिका गुप्ता की सलाह इसी मानसिकता से बचने की है। उनका कहना है कि किसी निवेश में पैसा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह निवेश आपके लिए उपयुक्त है या नहीं।

उनके मुताबिक निवेश का सही तरीका यह है कि व्यक्ति अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखकर फैसला करे। केवल इसलिए निवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि कोई दूसरा व्यक्ति उससे मुनाफा कमा रहा है।

निवेशकों के लिए राधिका गुप्ता का संदेश

राधिका गुप्ता की सलाह का सार यह है कि निवेश में तेजी से लोकप्रिय हो रहे विकल्पों के पीछे भागने के बजाय समझदारी और संतुलन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर उन्होंने भारतीय निवेशकों को विशेष रूप से जोखिम, टैक्स, नियमों और निवेशक सुरक्षा को समझने की चेतावनी दी है।

उनका संदेश निवेश के एक व्यापक सिद्धांत की ओर भी इशारा करता है- जिस वित्तीय उत्पाद को निवेशक पूरी तरह समझता नहीं है, उसमें केवल दूसरों को लाभ कमाते देखकर पैसा लगाना उचित नहीं है। निवेश से पहले जानकारी हासिल करना और जोखिम को समझना जरूरी है।