34333 | Source: 3434बक्सर। जिले में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार की शाम 6 बजे केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर 58.72 मीटर दर्ज किया गया। नदी का पानी फिलहाल चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन जिस गति से जलस्तर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की सतर्कता बढ़ गई है।

हर तीन घंटे में करीब एक सेंटीमीटर बढ़ रहा पानी

गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समय नदी का पानी करीब एक सेंटीमीटर प्रति तीन घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर में जारी यह बढ़ोतरी नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

बक्सर में गंगा का चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर निर्धारित है। मौजूदा जलस्तर 58.72 मीटर होने के कारण नदी चेतावनी बिंदु से करीब 60 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, गंगा का खतरा निशान 60.32 मीटर निर्धारित है।

चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंची गंगा

गंगा का वर्तमान जलस्तर अभी खतरा निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी बिंदु तक पहुंचने में अब ज्यादा अंतर नहीं बचा है। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए आने वाले घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

यदि जलस्तर में वृद्धि की मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो नदी चेतावनी बिंदु के और करीब पहुंच सकती है। यही वजह है कि नदी किनारे रहने वाले लोगों के बीच भी जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

निचले इलाकों पर प्रशासन की खास नजर

जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे बसे निचले इलाकों की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी गई है। संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोग लगातार गंगा के जलस्तर में हो रहे बदलाव पर नजर रख रहे हैं।

हालांकि फिलहाल बक्सर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है और तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है। इसके बावजूद लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग सतर्क हैं। अधिकारियों की ओर से नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है।

गंगा में नाव चलाने पर पूरी तरह रोक

बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। लोगों को नदी में जाने से बचने और नदी के आसपास अनावश्यक गतिविधियां नहीं करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की ओर से खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे नहीं जाने देने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी तरह का जोखिम न उठाएं।

लोगों से प्रशासन के निर्देश मानने की अपील

प्रशासन ने ग्रामीणों से गंगा के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने को कहा है। साथ ही किसी भी स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित निगरानी के जरिए संभावित स्थिति से निपटने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

खतरा निशान से अभी नीचे, लेकिन बढ़ोतरी ने बढ़ाई चिंता

बक्सर में गंगा का खतरा निशान 60.32 मीटर है, जबकि मौजूदा जलस्तर 58.72 मीटर दर्ज किया गया है। इस लिहाज से नदी अभी खतरा निशान से काफी नीचे है। हालांकि चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर होने के कारण मौजूदा जलस्तर उससे महज 60 सेंटीमीटर नीचे है।

जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की नजर लगातार बदलती स्थिति पर बनी हुई है।

आने वाले घंटे अहम, निगरानी लगातार जारी

गंगा के जलस्तर में यदि मौजूदा रफ्तार से वृद्धि जारी रहती है तो नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में बताया गया है, लेकिन जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और नाव परिचालन पर लगी रोक का पालन करने की सलाह दी गई है।