भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देशभर में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस चरण के तहत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी, डुप्लिकेट नाम या अयोग्य मतदाताओं को हटाया जा सके और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जा सके।

चुनाव आयोग के मुताबिक, यह अभियान मई 2026 से शुरू होगा और दिसंबर 2026 तक चलेगा। अलग-अलग राज्यों में अंतिम मतदाता सूची सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रकाशित की जाएगी। इस दौरान करीब 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहयोग करेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

आयोग ने बताया कि तीसरे चरण में जिन राज्यों में SIR कराया जाएगा, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, मेघालय, कर्नाटक, तेलंगाना, सिक्किम, नगालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली एवं दमन-दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह अभियान चलाया जाएगा।

चुनाव आयोग ने कहा कि इस कार्यक्रम को जनगणना की गृह-सूचीकरण प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, क्योंकि दोनों कामों में एक ही प्रशासनिक तंत्र और कर्मचारियों का इस्तेमाल होता है। इसी वजह से SIR को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो और सभी काम समय पर पूरे किए जा सकें।

आयोग के अनुसार, तीसरे चरण के बाद लगभग पूरा देश इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के दायरे में आ जाएगा। फिलहाल हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को इसमें शामिल नहीं किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन इलाकों में मौसम और बर्फबारी की परिस्थितियों को देखते हुए बाद में अलग से कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। खासतौर पर पहाड़ी और बर्फ से ढके क्षेत्रों में काम करना मुश्किल होता है, इसलिए वहां की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही SIR का शेड्यूल जारी किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को समय-समय पर अपडेट करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनती है। कई बार मतदाता सूची में मृत लोगों के नाम, एक व्यक्ति के कई नाम या स्थान बदलने के बाद भी पुराने नाम बने रहते हैं। ऐसे मामलों को ठीक करने के लिए SIR अभियान चलाया जाता है।

इससे पहले SIR का दूसरा चरण नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया गया था। इनमें छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल थे। वहीं पुदुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी यह प्रक्रिया पूरी की गई थी। आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में करोड़ों मतदाताओं का सत्यापन सफलतापूर्वक किया गया। इससे पहले पहले चरण में सिर्फ बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण कराया गया था।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हर मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें, ताकि प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का सही और अपडेट होना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि निष्पक्ष चुनाव की शुरुआत सही मतदाता सूची से ही होती है।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के जरिए चुनाव आयोग आने वाले चुनावों से पहले यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में न रहे। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।