अंडे खरीदते समय ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि उन्हें मुर्गी के अंडे ही मिल रहे हैं। हालांकि, कई बाजारों में बत्तख के अंडे भी बेचे जाते हैं, जिन्हें पहली नजर में पहचानना आसान नहीं होता। दोनों अंडे देखने में काफी हद तक एक जैसे लगते हैं, लेकिन आकार, छिलके, जर्दी, स्वाद और पोषण के मामले में इनके बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं।
1. आकार और वजन में अंतर
बत्तख का अंडा आमतौर पर मुर्गी के अंडे से बड़ा और अधिक भारी होता है। यदि दोनों अंडे साथ रखे जाएं, तो आकार के आधार पर इन्हें पहचानना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।
2. छिलका होता है ज्यादा मजबूत
बत्तख के अंडे का छिलका मोटा और सख्त होता है, इसलिए इसे तोड़ने में अधिक दबाव लगता है। इसके मुकाबले मुर्गी के अंडे का छिलका अपेक्षाकृत पतला और आसानी से टूटने वाला होता है।
3. रंग से भी मिल सकता है संकेत
मुर्गी के अंडे सामान्यतः सफेद या हल्के भूरे रंग के होते हैं। वहीं, बत्तख के अंडे सफेद, हल्के हरे, ग्रे, भूरे या धब्बेदार रंगों में भी मिल सकते हैं। हालांकि केवल रंग के आधार पर पहचान करना हमेशा सही नहीं होता, क्योंकि यह नस्ल के अनुसार बदल सकता है।
4. जर्दी होती है बड़ी और गाढ़ी
अंडा तोड़ने के बाद सबसे स्पष्ट अंतर इसकी जर्दी में दिखाई देता है। बत्तख के अंडे की जर्दी आकार में बड़ी और रंग में अधिक गहरी होती है। यही कारण है कि इससे बने ऑमलेट, भुर्जी और बेकिंग आइटम अधिक क्रीमी और रिच स्वाद वाले माने जाते हैं।
5. पोषण में भी अंतर
बत्तख का अंडा बड़ा होने के कारण उसमें प्रोटीन, कैलोरी, फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी अपेक्षाकृत अधिक होती है। साथ ही इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी अधिक पाया जाता है। हालांकि जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए।
6. स्वाद में हल्का अंतर
दोनों अंडों का स्वाद काफी हद तक समान होता है, लेकिन बत्तख के अंडे की जर्दी अधिक होने के कारण उसका स्वाद थोड़ा ज्यादा गाढ़ा, क्रीमी और रिच महसूस हो सकता है। इसका फ्लेवर बत्तख के खान-पान और पालन-पोषण पर भी निर्भर करता है।
