Bihar Politics:RJD को बड़ा झटका! लालू यादव के पुराने सिपाही मृत्युंजय तिवारी तिवारी बीजेपी में होंगे शामिल | Source: Abp news.comबिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व प्रवक्ता और लंबे समय तक पार्टी का मजबूत पक्ष रखने वाले मृत्युंजय तिवारी के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक भाजपा या मृत्युंजय तिवारी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Bihar Politics:RJD को बड़ा झटका! लालू यादव के पुराने सिपाही मृत्युंजय तिवारी तिवारी बीजेपी में होंगे शामिलSource : Abp news.com

मृत्युंजय तिवारी का नाम आरजेडी के उन नेताओं में गिना जाता रहा है, जिन्होंने वर्षों तक पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व का मजबूती से बचाव किया। टीवी डिबेट से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक वह पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे। ऐसे में यदि वह भाजपा में शामिल होते हैं तो इसे आरजेडी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।

गौरतलब है कि 16 जुलाई को मृत्युंजय तिवारी ने राष्ट्रीय जनता दल से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। इस्तीफा देते समय उन्होंने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि संगठन में समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका आरोप था कि पार्टी में ऐसे लोगों को महत्व मिल रहा है, जिन्होंने संगठन के लिए लंबे समय तक काम नहीं किया, जबकि पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।

इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। इसी बीच भाजपा नेताओं की ओर से भी उन्हें पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता दिया गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और तेज हो गई कि मृत्युंजय तिवारी जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

सूत्रों का दावा है कि भाजपा नेतृत्व के साथ उनकी कई दौर की बातचीत हो चुकी है और सदस्यता को लेकर अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान उन्हें आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता दिलाई जा सकती है। हालांकि, अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मृत्युंजय तिवारी भाजपा में शामिल होते हैं तो इसका असर केवल आरजेडी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरण भी देखने को मिल सकते हैं। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में राजनीतिक दल आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं, अनुभवी नेताओं का दल बदलना सियासी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल सभी की नजरें मृत्युंजय तिवारी के अगले कदम पर टिकी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह वास्तव में भाजपा में शामिल होकर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हैं या फिर कोई दूसरा राजनीतिक रास्ता चुनते हैं। उनकी ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।