बिहार में पंचायत परिसीमन और गांवों में होल्डिंग टैक्स लागू करने की तैयारी। | Source: Chrome

बिहार में पंचायत परिसीमन और गांवों में होल्डिंग टैक्स लागू करने की तैयारी।Source : Chrome

बिहार में पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद का नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा। राज्य सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर सीमाओं के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पंचायतों और वार्डों की संख्या बढ़ने की संभावना है। वहीं पहली बार गांवों में होल्डिंग टैक्स और अन्य स्थानीय कर लागू करने की भी तैयारी है।

2011 की जनगणना के आधार पर होगा परिसीमन

बिहार सरकार ने पंचायत क्षेत्रों के पुनर्गठन का फैसला लिया है। नए परिसीमन में 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा। इसके बाद ही राज्य में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। सरकार का मानना है कि बढ़ती आबादी को देखते हुए पंचायतों और वार्डों का पुनर्गठन आवश्यक हो गया है।

इतनी बढ़ सकती है पंचायतों और वार्डों की संख्या

फिलहाल बिहार में 8,053 ग्राम पंचायतें हैं। नए परिसीमन के बाद इनकी संख्या करीब 12 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

वर्तमान और संभावित संख्या

ग्राम पंचायत: 8,053 → करीब 12,000,वार्ड: 1.09 लाख → करीब 1.75 लाख,जिला परिषद सदस्य: 1,160 → करीब 1,760

1994 के बाद पहली बार होगा बड़ा बदलाव

बिहार में पिछला पंचायत परिसीमन वर्ष 1994 में हुआ था, जो 1991 की जनगणना पर आधारित था। उस समय झारखंड भी बिहार का हिस्सा था। अब करीब तीन दशक बाद 2011 की जनगणना के अनुसार पंचायत क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

कई जिलों में बदल सकती है पंचायतों की तस्वीर

परिसीमन के बाद बिहार के कई जिलों में पंचायतों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि पटना में वर्तमान 322 पंचायतें बढ़कर करीब 475 से 500 तक पहुंच सकती हैं। वहीं रोहतास में 226 पंचायतों की संख्या लगभग 350 हो सकती है। शिवहर में 23 पंचायतें बढ़कर 32 से 34 के बीच पहुंचने की संभावना है, जबकि जहानाबाद में मौजूदा 93 पंचायतों की संख्या बढ़कर 130 से 140 तक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए परिसीमन के दौरान कई गांवों की पंचायत सीमाओं में भी बदलाव किया जा सकता है।

गांवों में लागू होगा होल्डिंग टैक्स

राज्य कैबिनेट ने ग्राम पंचायत कर एवं शुल्क नियमावली-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी संपत्ति पर होल्डिंग टैक्स और कुछ अन्य स्थानीय शुल्क वसूले जाएंगे। पंचायत राज विभाग जल्द इसकी विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा।

जानिए कितनी होगी टैक्स दर

नई नियमावली के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न श्रेणियों के मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार पक्के मकान पर सालाना 100 रुपये, अर्ध-पक्के मकान पर 50 रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों पर 25 रुपये का होल्डिंग टैक्स लगेगा, जबकि कच्चे मकानों को टैक्स से छूट दी गई है। इसके अलावा सफाई शुल्क 30 रुपये प्रतिवर्ष और जलापूर्ति शुल्क 30 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। वहीं पेट्रोल पंप, रसोई गैस एजेंसी, ईंट-चिमनी और सिनेमा हॉल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सालाना 5,000 रुपये शुल्क प्रस्तावित किया गया है।

नए परिसीमन के बाद होंगे पंचायत चुनाव

सरकार के फैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर नहीं होंगे। पहले नए पंचायत क्षेत्रों का निर्धारण किया जाएगा, फिर उसी के अनुसार चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे जनसंख्या के अनुपात में स्थानीय निकायों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।