
AFP
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का एक बड़ा बयान सामने आया है। पेजेश्कियन ने दावा किया है कि ईरान इस टकराव में जीत चुका है और अब पूरी दुनिया भी इसे मान रही है।
ईरानी सरकारी मीडिया IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, पेजेश्कियन ने कहा कि दुनिया ईरान की जीत को स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका इस समय दुनियाभर में आलोचना और विरोध का सामना कर रहा है।
पेजेश्कियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय कई मुद्दों पर दोनों देशों के रुख अब भी अलग दिखाई दे रहे हैं।
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ हुए टकराव को लेकर अपने देश की स्थिति को मजबूत बताया। उनका कहना है कि ईरान ने इस संघर्ष में अपनी ताकत दिखाई है और अब युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है।
पेजेश्कियन ने यह भी कहा कि ईरान की जीत को दुनिया ने देखा है। उनके बयान का मकसद साफ तौर पर यह संदेश देना था कि अगर बातचीत होती है तो ईरान उसे कमजोरी की स्थिति में नहीं, बल्कि मजबूत स्थिति से करना चाहता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि “अमेरिका जंग हार गया” वाला दावा ईरान के राष्ट्रपति का बयान है, न कि किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय आकलन का निष्कर्ष।
दूसरी तरफ अमेरिका की तरफ से ईरान पर दबाव बनाए रखने की कोशिश जारी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ईरान पर बड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
यानी एक तरफ ईरान अपनी जीत का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश में है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म हुआ है, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी।
अमेरिका-ईरान तनाव में होर्मुज जलडमरूमध्य भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यह रास्ता दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से होने वाला बड़ा ऊर्जा कारोबार इसी रास्ते से जुड़ा है।
ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि होर्मुज को लेकर उसका फैसला अमेरिका की सैन्य और आर्थिक नीतियों से जुड़ा होगा। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी होर्मुज को लेकर कड़ा रुख दिखाया है।
पेजेश्कियन के बयान से बातचीत और तनाव कम करने की संभावना जरूर दिखाई देती है, लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है कि अमेरिका और ईरान के बीच पूरी तरह शांति होने वाली है।
दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दे हैं, जिनमें परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा सबसे अहम हैं। जब तक इन मुद्दों पर सहमति नहीं बनती, तब तक तनाव खत्म होने की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल पेजेश्कियन का बयान इतना जरूर बताता है कि ईरान अपनी स्थिति को मजबूत मान रहा है और युद्ध को खत्म करने की बात कर रहा है। अब नजर अमेरिका के अगले कदम पर है।
अगर दोनों देश बातचीत की मेज पर लौटते हैं, तो यह लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। लेकिन अगर दोनों का रुख फिर सख्त हुआ, तो हालात दोबारा बिगड़ने की आशंका भी बनी रहेगी।
फिलहाल सबसे बड़ी खबर यही है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपनी जीत का दावा करते हुए कहा है कि दुनिया भी इसे स्वीकार कर चुकी है। अब देखना होगा कि अमेरिका इस दावे और बातचीत के संकेत पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
