erere | Source: errerभुवनेश्वर। इंजीनियरिंग में दाखिले के दौरान कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग यानी CSE को सबसे पसंदीदा ब्रांच में गिना जाता है। बड़ी संख्या में छात्र इसे बेहतर करियर और प्लेसमेंट की संभावना से जोड़कर देखते हैं। लेकिन IIT भुवनेश्वर की 2026 की BTech प्लेसमेंट रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े इस धारणा को कुछ हद तक उलटते नजर आ रहे हैं। संस्थान के ब्रांच-वाइज प्लेसमेंट आंकड़ों के अनुसार, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने प्लेसमेंट प्रतिशत के मामले में CSE को पीछे छोड़ दिया है।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने CSE को दी सीधी टक्कर

IIT भुवनेश्वर के उपलब्ध प्लेसमेंट आंकड़ों के मुताबिक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 68 छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुए, जिनमें से 62 छात्रों को नौकरी मिली। इस तरह इस ब्रांच का प्लेसमेंट प्रतिशत 91.1% रहा। दूसरी ओर, CSE के 69 छात्रों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा लिया और इनमें 60 छात्रों का चयन हुआ। CSE का प्लेसमेंट प्रतिशत 86.9% रहा।

इस तरह प्लेसमेंट प्रतिशत के लिहाज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग CSE से आगे रही। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का प्लेसमेंट प्रतिशत 91.1% और CSE का 86.9% दर्ज किया गया। दोनों के बीच 4.2 प्रतिशत अंक का अंतर रहा।

IIT भुवनेश्वर में कुल 85.3% BTech छात्रों को मिला प्लेसमेंट

IIT भुवनेश्वर की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध BTech प्लेसमेंट आंकड़ों के अनुसार, कुल 331 छात्रों ने प्लेसमेंट के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 313 छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुए। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अब तक 267 छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है। इस तरह संस्थान का कुल अंडरग्रेजुएट प्लेसमेंट प्रतिशत 85.3% रहा।

प्लेसमेंट के दौरान संस्थान में सबसे अधिक घरेलू CTC 74.3 लाख रुपये सालाना दर्ज किया गया। यह अधिकतम पैकेज CSE और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, दोनों ब्रांच के लिए दर्ज हुआ है।

CSE का पैकेज भी 74.3 लाख, लेकिन प्लेसमेंट प्रतिशत में पीछे

IIT भुवनेश्वर के आंकड़ों में एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिली है। CSE का प्लेसमेंट प्रतिशत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से कम रहा, लेकिन इस ब्रांच में भी अधिकतम सालाना पैकेज 74.3 लाख रुपये रहा। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए भी अधिकतम सालाना पैकेज 74.3 लाख रुपये दर्ज किया गया है।

इससे साफ है कि केवल अधिकतम पैकेज के आधार पर दोनों ब्रांच में अंतर नहीं दिखता। अंतर मुख्य रूप से प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों के प्रतिशत में सामने आया है।

बाकी इंजीनियरिंग ब्रांच का प्लेसमेंट प्रदर्शन कैसा रहा?

IIT भुवनेश्वर की BTech प्लेसमेंट रिपोर्ट में अन्य इंजीनियरिंग ब्रांच के आंकड़े भी सामने आए हैं। मेकेनिकल इंजीनियरिंग में 61 छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुए और 54 छात्रों को नौकरी मिली। इस ब्रांच का प्लेसमेंट प्रतिशत 88.5% रहा। इसका अधिकतम सालाना पैकेज 56.0 लाख रुपये दर्ज हुआ।

मेटाल्रुजिकल और मेटेरियल्स इंजीनियरिंग में 19 छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुए और 17 छात्रों का चयन हुआ। इस ब्रांच का प्लेसमेंट प्रतिशत 89.4% रहा, जबकि अधिकतम सालाना पैकेज 23.5 लाख रुपये दर्ज किया गया।

ECE और सिविल इंजीनियरिंग के आंकड़े भी सामने आए

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग यानी ECE में 51 छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुए, जिनमें से 39 छात्रों को नौकरी मिली। इस ब्रांच का प्लेसमेंट प्रतिशत 76.4% रहा। ECE में अधिकतम सालाना पैकेज 56.0 लाख रुपये दर्ज हुआ।

सिविल इंजीनियरिंग में 45 छात्र प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुए और 35 छात्रों का चयन हुआ। इस ब्रांच का प्लेसमेंट प्रतिशत 77.7% रहा। सिविल इंजीनियरिंग में अधिकतम सालाना पैकेज 29.7 लाख रुपये दर्ज किया गया।

ब्रांच के हिसाब से देखें तो कौन सबसे आगे?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, IIT भुवनेश्वर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 91.1% प्लेसमेंट के साथ सबसे आगे रही। इसके बाद मेटाल्रुजिकल और मेटेरियल्स इंजीनियरिंग का प्लेसमेंट प्रतिशत 89.4% और मेकेनिकल इंजीनियरिंग का 88.5% रहा। CSE 86.9% प्लेसमेंट के साथ इसके बाद रही।

ECE का प्लेसमेंट प्रतिशत 76.4% और सिविल इंजीनियरिंग का 77.7% रहा। इस तरह इस साल IIT भुवनेश्वर में केवल CSE को ही सबसे बेहतर प्लेसमेंट प्रतिशत वाली ब्रांच नहीं कहा जा सकता। उपलब्ध आंकड़ों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का प्रदर्शन उससे बेहतर रहा है।

प्री-फाइनल ईयर छात्रों को भी मिले इंटर्नशिप के अवसर

IIT भुवनेश्वर के BTech प्री-फाइनल ईयर के छात्रों के लिए भी प्लेसमेंट सीजन के दौरान इंटर्नशिप के अवसर सामने आए हैं। कई बड़ी कंपनियों ने कैंपस प्रक्रिया में हिस्सा लिया और छात्रों को इंटर्नशिप के ऑफर दिए।

इन कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GMDC) जैसे पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) शामिल हैं।

CSE को लेकर छात्रों की सोच के बीच क्यों अहम हैं ये आंकड़े?

इंजीनियरिंग प्रवेश के समय CSE को लेकर छात्रों के बीच काफी मांग रहती है। आमतौर पर छात्र प्लेसमेंट और वेतन पैकेज को ब्रांच चुनने के प्रमुख आधारों में शामिल करते हैं। ऐसे में IIT भुवनेश्वर के आंकड़ों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का CSE से अधिक प्लेसमेंट प्रतिशत दर्ज होना निश्चित रूप से ध्यान खींचता है।

हालांकि, किसी एक संस्थान या एक साल के प्लेसमेंट आंकड़ों को सभी IIT और सभी वर्षों के लिए सामान्य निष्कर्ष का आधार नहीं माना जा सकता। ब्रांच के प्रदर्शन पर छात्रों की संख्या, भर्ती करने वाली कंपनियों, उपलब्ध अवसरों और उस वर्ष की प्लेसमेंट प्रक्रिया समेत कई कारकों का प्रभाव पड़ सकता है।