पटना। नेपाल में ग्लेशियल झील फटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपात बैठक की, जिसके बाद प्रशासनिक और बचाव तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
नेपाल में जलप्रलय के बाद बिहार पर मंडराया खतरा
चीन सीमा से सटे तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियल झील फटने के बाद नेपाल में भारी जलप्रलय की स्थिति बनने की सूचना है। इस घटना के कारण हजारों लोगों के लापता होने की आशंका जताई गई है, जबकि सैकड़ों विदेशी पर्यटकों के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में अचानक बने इस बाढ़ के हालात का असर बिहार की नदियों, खासकर गंडक नदी के जलप्रवाह पर पड़ने की आशंका है। यही वजह है कि उत्तर बिहार के कई जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुलाई आपात बैठक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने की संभावित स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बरतने और बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नेपाल में विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए बिहार में संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
विजय चौधरी बोले- घबराएं नहीं, पूरी रात रहें अलर्ट
उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगले 5-6 घंटे से लेकर पूरी रात तक अलर्ट रहने की जरूरत है। विजय चौधरी के अनुसार अभी गंडक बराज में 80 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है और पानी तेजी से आने की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज तक पानी पहुंचने में 2-3 घंटे का समय लग सकता है। बाढ़ राहत के लिए सरकार की ओर से अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है और जरूरी राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की बात
बिहार में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने बिहार को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती तेज
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती और आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक एनडीआरएफ टीम भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं मुजफ्फरपुर में एक एनडीआरएफ टीम को स्टैंडबाय रखा जाएगा। बेतिया में भी एनडीआरएफ टीम की आवाजाही और तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा एसएसबी डीआईजी की ओर से आवश्यकता पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया दल और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। यह सहायता बेतिया में उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
गंडक बराज के सभी गेटों और नहरों पर नजर
बिहार में संभावित भीषण बाढ़ के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने गंडक बराज के सभी गेटों और उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित और प्रभावी प्रबंधन करना है। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों और अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित सभी महत्वपूर्ण जल संसाधन संरचनाओं की स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
इन जिलों में विशेष सतर्कता
गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर और अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
सभी संबंधित जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय समुदाय को समय रहते संभावित खतरे की जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने और बचाव एवं राहत की सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए।
सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से आम लोगों तक स्थिति की अद्यतन जानकारी पहुंचाने को कहा गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
हाजीपुर में गंडक किनारे माइकिंग, बालू की बोरियों से ऊंचा किया जा रहा तटबंध
वैशाली जिले के हाजीपुर में गंडक नदी के तटवर्ती इलाकों में प्रशासन की ओर से माइकिंग कराई जा रही है। लोगों को संभावित खतरे के प्रति सचेत रहने की अपील की जा रही है। इसके साथ ही गंडक नदी के तटबंध को बालू की बोरियों से ऊंचा करने का काम भी किया जा रहा है।
बगहा में डीएम ने तटबंधों और घाटों का किया निरीक्षण
नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट की सूचना और गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बुधवार को बगहा अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न तटबंधों और घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तटवर्ती और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सरकार की अपील- अफवाहों पर नहीं, आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए घबराने या पैनिक करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और बचाव दलों तथा आवश्यक संसाधनों को अग्रिम रूप से तैयार किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे संभावित बाढ़ की स्थिति के लिए तैयार रहें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें।
सरकार ने नागरिकों से विशेष रूप से कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करें। किसी भी स्थिति की सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं को ही आधार बनाया जाए।
