मुंबई: लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार, 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भारतीय शेयर बाजार में अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 600 अंक तक चढ़ गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 76 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी के पीछे टेक्नोलॉजी क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत प्रमुख वजह रहे।
रिलायंस के शेयरों में उछाल ने बढ़ाया बाजार का भरोसा
बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की अहम भूमिका रही। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 2 फीसदी से अधिक चढ़ गए। जियो के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के दिवाली तक आने की खबरों के बीच रिलायंस के शेयरों में खरीदारी बढ़ी।
रिलायंस के शेयर में आई तेजी का असर बाजार के समग्र रुझान पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.72 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
इन कंपनियों के शेयरों ने भी दिखाई जोरदार तेजी
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 1.92 फीसदी ऊपर रहा।
इसके अलावा टीसीएस में 1.60 फीसदी, बजाज फिनसर्व में 1.51 फीसदी, ट्रेंट में 1.48 फीसदी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.40 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। भारती एयरटेल में 0.12 फीसदी की गिरावट देखी गई, जबकि एशियन पेंट्स के शेयर में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ।
एशियाई बाजारों की तेजी का मिला भारतीय बाजार को सहारा
भारतीय शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह एशियाई बाजारों का सकारात्मक रुख भी रहा। शुक्रवार को ज्यादातर एशियाई बाजार बढ़त के साथ खुले।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.3 फीसदी उछल गया। जापान के निक्केई 225 में 0.25 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.14 फीसदी की तेजी रही।
वैश्विक बाजारों से मिले इन सकारात्मक संकेतों ने भारतीय निवेशकों के बीच भी खरीदारी का रुझान मजबूत किया।
अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी का भी असर
भारतीय बाजार को पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले थे। अमेरिका में प्रमुख शेयर सूचकांकों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
एसएंडपी 500 में 1.06 फीसदी की बढ़त रही और यह 7,747.71 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 1.40 फीसदी चढ़कर 26,584.06 पर पहुंच गया।
वहीं डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 624.16 अंक यानी 1.18 फीसदी की बढ़त के साथ 53,686.11 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की इस तेजी का सकारात्मक असर शुक्रवार को भारतीय बाजार के शुरुआती कारोबार पर भी दिखाई दिया।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से भी बाजार को राहत
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट ने भी निवेशकों की धारणा को सहारा दिया। फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने इस महीने होने वाली बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के पक्ष में होने की बात कही।
ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम होने के संकेतों से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई। इसका असर वैश्विक बाजारों की धारणा पर भी पड़ा और भारतीय शेयर बाजार को इससे समर्थन मिला।
कच्चा तेल महंगा हुआ, फिर भी बाजार में तेजी
एक तरफ शेयर बाजार में तेजी रही तो दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। 4 सितंबर के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.35 फीसदी बढ़कर 95.86 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 91.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी का रुझान मजबूत बना रहा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी जारी
शेयर बाजार में तेजी के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। 3 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी में 2,346 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में मजबूत खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशक 4,977 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे। यानी विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
रुपये की मजबूती ने भी बढ़ाया बाजार का भरोसा
भारतीय मुद्रा रुपये की स्थिति भी शुक्रवार से पहले मजबूत रही। 3 सितंबर को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.59 के स्तर पर बंद हुआ।
पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में रुपये में 14 पैसे की मजबूती दर्ज की गई। रुपये की यह बढ़त भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेतों में शामिल रही।
चार दिन की गिरावट के बाद आखिर क्यों बदला बाजार का रुख?
लगातार चार कारोबारी सत्रों तक गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में अचानक खरीदारी लौटने के पीछे कई वैश्विक और घरेलू संकेत एक साथ नजर आए। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी, एशियाई बाजारों की मजबूती और अमेरिकी बाजारों के सकारात्मक प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और ब्याज दरों को लेकर मिले संकेतों ने भी बाजार की धारणा को समर्थन दिया। हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे कारक बाजार के लिए अब भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद जन्माष्टमी के दिन भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को राहत दी। सेंसेक्स में करीब 600 अंकों की बढ़त और निफ्टी में लगभग 76 अंकों की मजबूती के साथ बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। रिलायंस समेत प्रमुख शेयरों में खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत इस तेजी के प्रमुख आधार रहे।
