नई दिल्ली: पंजाब के फगवाड़ा स्थित मशहूर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में रविवार तड़के उस समय भारी हंगामा और हिंसा भड़क उठी, जब एक छात्रा के साथ बाहरी व्यक्ति के रेप की एक अपुष्ट खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस सनसनीखेज अफवाह के बाद सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए, जिन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस में जमकर तोड़फोड़ की, कई जगहों पर आगजनी की और जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया।
चिटकारा यूनिवर्सिटी (राजपुरा) में हुए छात्रों के प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद LPU में यह बड़ी और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि उन्हें बलात्कार से जुड़ी कोई भी औपचारिक शिकायत नहीं मिली है और न ही जांच में इस घटना का कोई पुख्ता सबूत सामने आया है।
हॉस्टल से शुरू हुआ प्रदर्शन, रात 2 बजे बेकाबू हुए हालात
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस भारी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत रात करीब 2 बजे गर्ल्स हॉस्टल के पास से हुई थी, जो देखते ही देखते पूरे कैंपस में जंगल की आग की तरह फैल गई।
गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान कई इमारतों की खिड़कियों के कांच तोड़े गए, गमले और ईंटें फेंकी गईं तथा कैंपस के भीतर कुछ सामान में आग भी लगा दी गई। छात्रों के इस उग्र और हिंसक रूप के आगे यूनिवर्सिटी के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स पूरी तरह लाचार और बेबस नजर आए।
सड़क पर उतरे छात्र, नेशनल हाईवे पर किया धरना-प्रदर्शन
तड़के करीब 4 बजे प्रदर्शनकारी छात्र उग्र रूप में यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर पहुंचे। उन्होंने वहां लगे यूनिवर्सिटी के साइन बोर्ड्स को तोड़ डाला और कैंपस से बाहर निकलकर सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर जा बैठे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
इस पूरी घटना के दौरान छात्रों ने कैंपस में मची अफरातफ्राई और अपने विरोध प्रदर्शन के लाइव वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए तथा LPU प्रशासन के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली।
पुलिस का बयान: "रेप की खबर महज एक अफवाह, कोई शिकायत नहीं"
घटना की गंभीर सूचना मिलते ही कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में भारी फोर्स तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए।
एसएसपी गौरव तूरा ने मीडिया को स्थिति की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया, "एक फर्जी और अनवेरिफाइड खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रों में यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया। अब तक की हमारी जांच में इस कथित घटना का दूर-दूर तक कोई सबूत नहीं मिला है, और न ही पुलिस थाने में ऐसी कोई शिकायत दर्ज कराई गई है।"
एसएसपी ने आगे बताया कि उग्र छात्रों ने यूनिवर्सिटी की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है और हाईवे को जाम किया था। पुलिस लगातार छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है और अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव फैलाने और सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है, जिन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
