4545 | Source: 4545पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को राज्य की कानून व्यवस्था, शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, उच्च शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर दिया गया। इनमें सबसे अधिक चर्चा अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026 की रही, जिसके तहत पेपर लीक गिरोह, जमीन माफिया तथा संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। संशोधन के अनुसार ऐसे मामलों में आरोपितों के विरुद्ध सीसीए (गुंडा एक्ट) के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज और किसी व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ किया गया है।

अपराध नियंत्रण कानून में किए गए अहम बदलाव

विधानसभा में पारित अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्य सरकार ने बदलते समय की जरूरत बताते हुए पेश किया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और साइबर अपराध, सोशल मीडिया के दुरुपयोग तथा संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानून को और मजबूत बनाना आवश्यक हो गया था।

उन्होंने बताया कि संशोधन के तहत सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग अथवा किसी व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में छह महीने से एक वर्ष तक की सजा दी जा सकेगी।

पेपर लीक और जमीन माफिया पर सीसीए के तहत होगी कार्रवाई

सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों को भी संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जमीन माफिया के खिलाफ भी सीसीए यानी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से ऐसे संगठित अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध अधिक प्रभावी कानूनी कार्रवाई संभव होगी। यह विधेयक सदन से सर्वसम्मति से पारित किया गया।

बिहार में स्थापित होंगे विशिष्ट विश्वविद्यालय

विधानसभा ने बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 को भी मंजूरी प्रदान की। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में आधुनिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, शोध और मानव संसाधन विकास को बढ़ावा देना है।

उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि बिहार में कंप्यूटर साइंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), आर्किटेक्चर और अन्य विशिष्ट विषयों के लिए विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शोध और तकनीकी नवाचार आधारित शिक्षा व्यवस्था राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

एआई और कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय को भी मिली मंजूरी

सदन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त हो गया।

सरकार के अनुसार इन संस्थानों में वास्तुकला, असैनिक अभियंत्रण तथा संबंधित विषयों में उच्चस्तरीय शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा।

पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी

बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2026 भी विधानसभा से पारित हो गया। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि इस संशोधन का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना है।

अब पंचायतों को अपने क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर और अन्य विज्ञापनों पर शुल्क वसूलने का अधिकार मिलेगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में बहुमंजिला भवन और अपार्टमेंट निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति तथा संबंधित प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।

पंचायतों को मिलेंगे नए वित्तीय अधिकार

नए संशोधन के तहत पंचायतों को होल्डिंग टैक्स, प्रोफेशनल टैक्स तथा विभिन्न नागरिक सेवाओं के लिए उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) वसूलने का अधिकार भी प्रदान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से पंचायतों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास को गति मिलेगी।

उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, सरकार का लक्ष्य

बिहार विधानसभा ने निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है और आवश्यकता के अनुसार उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

इन 13 महत्वपूर्ण विधेयकों को मिली विधानसभा की मंजूरी

बिहार विधानसभा से बुधवार को जिन 13 विधेयकों को पारित किया गया, उनमें बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक, 2026, बिहार नगर विकास विधेयक, 2026, निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026, दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन एवं सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक, 2026, भारतीय स्टांप (बिहार संशोधन) विधेयक, 2026, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026, बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026, अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक, 2026, अभियंत्रण विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 शामिल हैं।