दुनिया में कुछ घड़ियां सिर्फ समय देखने के लिए नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल और निवेश का जरिया मानी जाती हैं। इन दिनों ऐसी ही एक लिमिटेड एडिशन घड़ी ने अमेरिका से लेकर ब्रिटेन और फ्रांस तक लोगों के बीच जबरदस्त दीवानगी पैदा कर दी है। मशहूर वॉच ब्रांड Swatch और लग्जरी घड़ी निर्माता Audemars Piguet की साझेदारी में लॉन्च हुई “Royal Pop” घड़ी को खरीदने के लिए लोग कई-कई दिन तक दुकानों के बाहर लाइन में खड़े रहे। हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ जगहों पर पुलिस को आंसू गैस तक छोड़नी पड़ी।
यूरोप और अमेरिका में मचा भारी हंगामा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लिमिटेड एडिशन घड़ी की बिक्री शुरू होते ही ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और अमेरिका के कई शहरों में भारी भीड़ जमा हो गई। मैनचेस्टर, कार्डिफ, बर्मिंघम, लिवरपूल और शेफील्ड जैसे शहरों में स्टोर्स के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग गईं। कई लोग पूरी रात सड़क पर खड़े रहे, जबकि कुछ खरीदार पांच-पांच दिन तक लाइन में लगे रहे। पेरिस में हालात इतने बिगड़ गए कि करीब 300 लोगों की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान स्टोर के सुरक्षा गेट और मेटल शटर तक टूट गए। इटली के मिलान में भी स्टोर खुलते ही खरीदारों के बीच धक्का-मुक्की और झगड़े की खबरें सामने आईं।
आखिर इस घड़ी में ऐसा क्या खास है?
दरअसल, ऑडेमर्स पिगुएट जैसी लग्जरी घड़ियां आमतौर पर लाखों-करोड़ों रुपये में बिकती हैं, लेकिन यह खास मॉडल सीमित कीमत पर लॉन्च किया गया है। स्टोर में इसकी कीमत लगभग 400 से 420 डॉलर यानी करीब 40 हजार रुपये रखी गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि बाद में इसकी रीसेल वैल्यू कई गुना बढ़ जाएगी। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदने के लिए टूट पड़े। न्यूयॉर्क के एक खरीदार ने बताया कि जिसने ज्यादा धक्का दिया, वही आगे पहुंच पाया। वहीं एक अन्य खरीदार ने दावा किया कि उसने 400 डॉलर में खरीदी गई घड़ी को बाद में 4,000 डॉलर में बेच दिया।
सोशल मीडिया पर भी दिखा घड़ी का क्रेज
इस घड़ी का क्रेज सिर्फ स्टोर्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोग इसके वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे “watch madness” और “luxury frenzy” बता रहे हैं। कुछ लोग मजाक में कह रहे हैं कि अब लोग iPhone लॉन्च की लाइन छोड़कर घड़ियों के लिए लड़ने लगे हैं। वहीं कई विशेषज्ञों का मानना है कि limited edition luxury products अब सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि “investment assets” बनते जा रहे हैं।
