समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे और Akhilesh Yadav के सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन सिर्फ एक राजनीतिक परिवार की खबर नहीं बनकर रह गया, बल्कि फिटनेस की दुनिया से जुड़े हजारों युवाओं के लिए भी बड़ा झटका साबित हुआ। लखनऊ में फिटनेस आइकन के तौर पर पहचान बना चुके प्रतीक की कहानी संघर्ष, अनुशासन और जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन की मिसाल मानी जाती है।


एक समय ऐसा था जब प्रतीक यादव का वजन 100 किलो से ज्यादा पहुंच चुका था। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूल के दिनों में वह मोटापे की वजह से अक्सर मजाक का सामना करते थे। खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते वजन का असर उनकी सेहत पर भी पड़ा और उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरना पड़ा। लेकिन यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।


बताया जाता है कि एक दिन उन्होंने खुद को बदलने का फैसला किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने घंटों जिम में मेहनत करना शुरू किया। कार्डियो, हैवी वेट ट्रेनिंग और सख्त डाइट को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। जंक फूड और अनहेल्दी आदतों से दूरी बनाकर उन्होंने खुद को पूरी तरह फिटनेस के लिए समर्पित कर दिया। लगातार मेहनत का नतीजा यह हुआ कि कुछ ही वर्षों में उनका पूरा लुक बदल गया। उनका वजन 30 किलो से ज्यादा कम हुआ और उनकी पहचान एक फिटनेस फ्रीक के तौर पर बनने लगी।


प्रतीक यादव की फिटनेस जर्नी सिर्फ खुद तक सीमित नहीं रही। उन्होंने लखनऊ में प्रीमियम जिम और फिटनेस सेंटर शुरू किए, जिनमें “द आयरन कल्ट” और अन्य हाई-एंड फिटनेस सुविधाओं का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। फिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि उन्होंने लखनऊ में मॉडर्न जिम कल्चर को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

सोशल मीडिया पर भी प्रतीक काफी एक्टिव रहते थे। उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट्स में हैवी वर्कआउट, बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन और फिटनेस मोटिवेशन साफ दिखाई देता था। सिक्स पैक एब्स और मस्कुलर फिजीक की वजह से उन्हें कई युवा अपना फिटनेस रोल मॉडल मानते थे।


हालांकि राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले प्रतीक यादव ने अपनी अलग पहचान फिटनेस और बिजनेस की दुनिया में बनाई। उनकी अचानक मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में उनकी मौत की वजह फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज बताई गई है, जबकि पोस्टमार्टम में कुछ चोटों के निशान मिलने के बाद मामले को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।